‘सीडीआर’ से खुलेगा क्रिकेट सट्टे का ‘थ्रिल’
अपराध शाखा कर रही मामले की जांच

* ‘बडी मछली’ को फांसने की पूरी तैयारी
अमरावती/दि.22 – आईपीएल की जगमगाहट के बीच परदे के पीछे चलनेवाले ऑनलाइन सट्टे के काले धंधे पर अमरावती शहर पुलिस ने वार करना शुरु कर दिया है. फ्रेजरपुरा पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत राजूरा परिसर में चलनेवाले हाईप्रोफाइल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है. इस कार्रवाई के चलते क्रिकेट सट्टा जगत में अच्छा-खासा हडकंप व्याप्त है. क्योंकि कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए 9 मोबाइल फोन के सीडीआर से अब कुछ ‘बडी मछलियों’ के नाम सामने आने की पूरी संभावना है. जिसे ध्यान में रखते हुए अपराध शाखा प्रमुख संदीप चव्हाण ने आईपीएल सट्टा मामले की जांच को जबरदस्त गतिमान किया है.
सोमवार को गुजरात टायटन्स व मुंबई इंडियन्स के बीच खेली जा रही आईपीएल मैच पर सट्टा लगाए जाने की जानकारी अपराध शाखा को मिली थी. राजूरा परिसर स्थित घर में महेश पाटकर नामक व्यक्ति ऑनलाइन एप के जरिए यह अवैध धंधा चला रहा था. जिसकी जानकारी मिलते ही मैच शुरु होने के महज आधे घंटे बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापा मारते हुए महेश पाटकर सहित अन्य दो लोगों को सट्टा चलाते व खेलते रंगेहाथ गिरफ्तार किया. साथ ही इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5.60 लाख रुपए का साहित्य भी जब्त किया. जिसमें 9 महंगे मोबाइल फोन व दो लैपटॉप का समावेश है.
* रैकेट के कनेक्शन पुणे व यवतमाल तक
इस मामले में यवतमाल के रितेश जोशी का नाम भी सामने आया है. जिसके नाम पर सट्टे की मुख्य आईडी थी. वहीं पुणे में रहनेवाला गणेश उर्फ परेश भूत उर्फ अग्रवाल इस मामले का मुख्य सूत्रधार है. स्थानीय सट्टेबाजों से लिया गया सट्टा यवतमाल होते हुए पुणे तक पहुंचाकर उतारा जाता था. फिलहाल जोशी तथा अग्रवाल फरार है. जिनकी पुलिस द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है. साथ ही स्थानीय अपराध शाखा का एक पथक भी जल्द ही यवतमाल और पुणे भेजा जाएगा. इसके अलावा पुलिस अब स्थानीय क्रिकेट सट्टा बुकियों की भी पहचान करने में जुटी है.
* मोबाइल सीडीआर साबित होगा गेमचेंजर
पुलिस ने जब्त किए गए 9 मोबाइल फोन का सीडीआर मंगवाया है. पुलिस को संदेह है कि, क्रिकेट सट्टा लगानेवालों में शहर के कई सफेदपोश लोगों एवं बडे नामों का समावेश रह सकता है. ऐसे में उस सीडीआर रिपोर्ट के चलते किन-किन लोगों के असली चेहरे सामने आते है, इस बात की ओर पूरे जिले का ध्यान लगा हुआ है. उम्मीद जताई जा रही है कि, सट्टेबाजों का नेटवर्क कितना ही बडा और मजबूत क्यों न हो, लेकिन पुलिस उस नेटवर्क की जड तक जरुर पहुंचेगी तथा फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार भी किया जाएगा.





