हडताल के चलते स्वास्थ्य सेवा चरमराई, शल्यक्रियाओं पर लगा ब्रेक

इमर्जंसी स्वास्थ्य सेवा शुरु, हडताल के दूसरे दिन इर्विन में केवल तीन शल्यक्रिया

अमरावती /दि.24– कर्मचारी संगठनों द्वारा शुरु की गई हडताल में सरकारी अस्पतालों की परिचारिकाएं भी शामिल होने के चलते अब इसका परिणाम स्वास्थ्य सेवा पर पडता दिखाई दे रहा है. जिला सामान्य अस्पताल में परिचारिकाओं का अभाव हो जाने की वजह से आवश्यक शल्यक्रियाएं रुक गई है और हडताल के दूसरे दिन केवल तीन मरीजों पर ही शल्यक्रियाएं होने की जानकारी अस्पताल प्रशासन द्वारा दी गई है.
बता दें कि, परिचारिकाओं के बिना स्वास्थ्य विभाग की कल्पना करना ही बेहद कठिन है. डॉक्टरों की तुलना में परिचारिकाओं का ही मरीजों एवं उनके रिश्तेदारों से ज्यादा व नजदिकी संबंध रहता है. मरीज के इलाज हेतु भर्ती होने से लेकर उसके ठीक होकर डिस्चार्ज होने तक पूरी जिम्मेदारी परिचारिकाओं पर रहती है. जिसके चलते इस समय परिचारिकाओं को हडताल में शामिल रहने की वजह से जिला सामान्य अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से लडखडा गई है और कई शल्यक्रियाओं को टालना पडा है. हालांकि स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवा पूरी तरह से ठप न हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय अंतर्गत ठेका नियुक्त परिचारिका तथा जेएनएम व एएनएम पाठ्यक्रम की प्रशिक्षू छात्राओं पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिम्मेदारी सौंपी गई है.

* जिलेभर में हडताल को प्रतिसाद
कर्मचारी संगठन द्वारा शुरु की गई हडताल को जिलेभर के कर्मचारियों की ओर से जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है. जिसके चलते सभी सरकारी महकमों में चलनेवाला कामकाज प्रभावित हुआ है. जिसका खामियाजा शहर सहित तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को उठाना पड रहा है. विशेष तौर पर नागरिकों को अपने कामकाज निमित्य आवश्यक रहनेवाले दाखिले, प्रमाणपत्र व शपथपत्र नहीं मिल पा रहे. इस हडताल का सर्वाधिक असर स्वास्थ्य सेवा पर पडता दिखाई दे रहा है. जिसके चलते ठेका नियुक्त कर्मचारियों पर कामकाज का जिम्मा सौंपते हुए मरीजों के इलाज का काम चलाया जा रहा है.

* इर्विन में ऑपरेशन का काम ठप
जिला सामान्य अस्पताल में रोजाना ही 8 से 10 मरीजों पर मोतीबिंदू शल्यक्रिया, इएनटी, अस्थीरोग व अन्य जनरल शल्यक्रियाएं होती है. परंतु पिछले दो दिनों के दौरान इर्विन अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर लगभग सुनसान पडा है. जहां पर पिछले दो दिनों में मोतिया बिंदू का भी कोई ऑपरेशन नहीं हुआ.

* इर्विन की 90 व डफरीन की 80 परिचारिकाएं हडताल में
इस अनिश्चितकालिन हडताल में इर्विन अस्पताल की 90, डफरीन अस्पताल की 80 एवं सुपर स्पेशालिटी अस्पताल की 150 परिचारिकाओं द्वारा हिस्सा लिया जा रहा है. जिसके चलते तीनों अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों व ठेका नियुक्त परिचारिकाओं पर कामकाज का बोझ काफी अधिक बढ गया है.

* परिचारिकाओं के हडताल पर रहने की वजह से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा पर कोई परिणाम न हो, इस हेतु फिलहाल ठेका तत्व पर नियुक्त एनआरएचएम कर्मियों सहित जेएनएम व एएनएम पाठ्यक्रम की प्रशिक्षू छात्राओं की सेवाएं ली जा रही है.
– डॉ. विनोद पवार
जिला शल्य चिकित्सक.

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