सिडको ने आज तक 50 से 60 करोड खर्च कर डाले पर उपयोग 1 प्रतिशत भी नहीं हुआ

चिखलदरा/दि.24– 2016 में एैजे प्लॅनीग अॅथॉरटी कार्यकाल या आदेश या कहे तो जो कार्य सौपा गया था वह पूरा नहीं हुआ. मगर 2016 के बाद बगैर किसी शासन आदेश के या कहे कि सिडको के किसी आदेश सिडको ने डेव्हलपमेंट अथॉरिटी करके किसी आदेश के ही यहां डेव्हपमेंट श्ाुरू कर दिया. जिसमें देवी पॉइंट, शिवसागर पॉइंट , हरिकेज पॉइंट, प्रास्पेक्ट पॉइन्ट, रानी पार्क के विकास के कार्य शुरू करके करोडो रूपए खर्च कर दिए. मगर उसकी दशा तथा दिशा की परिस्थिति आज भी देखी जा सकती है. ऐसे में पैसों में हुई करोडों की अनियमिता जांच का विषय जरूर हो सकता है. मगर इतने करोड खर्च करने के बावजूद न पर्यटक बढे न ही उन्हें सुविधा मिली. न ही गांव का भला हुआ, भला किसका हुआ. इसकी जांच होनी चाहिए. क्योंकि डेढ करोड रूपए खर्च करके एक अधिकारी डीसीएफ बहाले ने भीमकुंड पर लगाए एक प्रकल्प ने इस बारिश के इतिहास में पहलीबार 10 कि.मी. की जाम लगाकर बता दिया कि पर्यटकों को क्या चाहिए और तुम क्या कर रहे है. पैसों से नहीं अपितु जनता की मांग, जमीनी स्तर का अभ्यास तथा नियोजन आवश्यक है. मगर मुंबई में बैठे वरिष्ठ लेव्हल के आय.एस. स्तर के अधिकारी यहां सीमेंट का जंगल खडा करके यहा का विकास करना चाहते है. मगर उससे ना हीं पर्यटक बढेंगे और ना ही गांव के व्यवसाईयों को लाभ होगा. यही सिडको के नियोजन शुन्यता दिखानी है.
जिन पॉइंटों का सिडको विकास के नाम पर करोडो खर्च करके विकास दिखाना चाहती है वह भंगार की स्थिति में है. मगर सिडको के अधिकारी अक्षय महल्ले तथा अन्य कर्मचारियों की स्थिति मजबूत हुई है.





