विधायक खोडके दंपति ने किया परशुराम जन्मोत्सव शोभायात्रा का स्वागत

गौमाता के सम्मान में आयोजित शोभायात्रा में की विश्व मंगल की कामना

अमरावती/दि.24– अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम जन्मोत्सव शहर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया. इस अवसर पर भगवान परशुराम तथा गौमाता के सम्मानार्थ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की. राजकमल चौक पर शोभायात्रा के आगमन के दौरान विधायक सुलभा खोडके एवं विधायक संजय खोडके ने भगवान परशुराम की प्रतिमा का विधिवत पूजन-अर्चन कर माल्यार्पण किया. इस दौरान विधायक सुलभा खोडके ने भगवान परशुराम के चरणों में विश्व के कल्याण की प्रार्थना करते हुए उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया.
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति में अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने वाले महान ऋषि के रूप में पूजनीय हैं. वे भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं और ऋषि परंपरा के मार्गदर्शक हैं. उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने सदैव गुरु, माता-पिता की आज्ञा का पालन कर आदर्श जीवन का संदेश दिया. उनके जीवन से समाज को धर्म, अनुशासन और कर्तव्य पालन की प्रेरणा मिलती है. उन्होंने आगे कहा कि भगवान परशुराम का व्यक्तित्व शास्त्र और शस्त्र दोनों में पारंगत होने का प्रतीक है, जो आज के समाज के लिए भी मार्गदर्शक है. इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें आकर्षक झांकियां, बैंड-बाजे और धार्मिक घोषणाओं ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया. शोभायात्रा में भगवान परशुराम के साथ गौमाता के सम्मान का संदेश भी दिया गया. इस अवसर पर विधायक सुलभा खोडके ने आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम की सराहना की. कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ, श्री गौरक्षण संस्था, श्री गौ सम्मान रक्तदान समिति, श्री माहेश्वरी पंचायत, श्रीरामचरितमानस परिषद एवं अमरावती रक्तदान समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं विप्रवृंद बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. पूरे आयोजन ने शहर में धार्मिक एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की.

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