विद्यार्थियों को पक्षियों के लिए जलपात्र वितरित कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पोदार इंटरनैशनल स्कूल में विश्व पृथ्वी दिवस पर अनोखा उपक्रम

अमरावती/दि.24- विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर शहर के बडनेरा रोड स्थित पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में मंगलवार सुबह पर्यावरण जागरूकता का विशेष कार्यक्रम उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया. भीषण गर्मी में पक्षियों को होने वाली पानी की समस्या को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में पक्षी जलपात्र वितरण का अभिनव उपक्रम चलाया गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया. कार्यक्रम के दौरान वन विभाग एवं सामाजिक वनीकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से मिट्टी के जलपात्र वितरित किए गए.
इस अवसर पर उपवन संरक्षक अर्जुना के. आर. (आईएफएस), विभागीय वन अधिकारी कमलेश पाटील, सहायक वन संरक्षक योगेश तापस, डॉ. मयूर भेलुने, सुमित कुमार (आईएफएस), वनपाल बाबुराव खेरकर एवं वनरक्षक आकाश सारडा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. कार्यक्रम का आयोजन वाइल्ड अवेयरनेस रिसर्च एंड रेस्क्यू वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष निलेश कंचनपुरे के मार्गदर्शन में किया गया. इस दौरान विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता के महत्व तथा पक्षियों के संरक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई. उपस्थित मान्यवरों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे गर्मी के मौसम में अपने घरों की छत, आंगन या गैलरी में पक्षियों के लिए पानी अवश्य रखें.
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य नितीन कोली द्वारा मान्यवरों के स्वागत के साथ हुई. उन्होंने विद्यार्थियों को पृथ्वी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण एवं पक्षी संरक्षण अत्यंत आवश्यक है. इस अवसर पर अर्जुना के.आर. एवं कमलेश पाटील ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया. कार्यक्रम का संचालन अपर्णा अर्पाले ने किया. आयोजन को सफल बनाने में इवेंट कोऑर्डिनेटर माधुरी इंगले, प्रायमरी कोऑर्डिनेटर सुप्रिया गणवीर, जयश्री कपिले, मेघा पांडे, प्रांजली ताकपिरे, रंजना शिरभाते, प्रतिभा पाटील, जानवी कल्याणकर, सपना गडेचा, अमृता उपाध्ये, अनुसया शर्मा, मेघना सहारकर तथा प्रशासनिक अधिकारी पंकज आकांत का विशेष योगदान रहा. साथ ही स्कूल के स्पोर्ट्स विभाग के शिक्षक अक्षय लव्हाले एवं वैभव काकड का भी इस आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग रहा.
इस उपक्रम के अंतर्गत अमरावती में कुल 1150 जलपात्रों का वितरण किया गया. इस पहल से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित हुई है, जो भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है.





