13 राशन दुकानदार की राशन घोटाले में सहआरोपी!

अमरावती/दि.24- तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त राशन अनाज की अनियमितता करनेवाले 13 राशन दुकानदार भी अब आपूर्ति विभाग के राडार पर है. इन दुकानदारों के खिलाफ स्वतंत्र एफआईआर दाखिल किए जाने या पहले से दर्ज मामले में उन्हें सहआरोपी बनाए जाने की पूरी संभावना है. खास बात यह है कि, इन राशन दुकानों के लाईसेंस को जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय द्वारा इससे पहले ही रद्द कर दिया गया.
इस मामले की जांच कर रहे जांच पथक द्वारा 27 मार्च 2026 को दी गई अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार निरीक्षण अधिकारी जितेंद्र पाटिल के मामले में 7 राशन दुकानदारों को 3873.90 क्विंटल तथा निरीक्षण अधिकारी चैताली यादव के मामले में 7 राशन दुकानदारों को 2237 क्विंटल अतिरिक्त राशन धान्य वितरित होने की बात सामने आई. इन राशन दुकानदारों द्वारा निरीक्षण अधिकारियों के साथ मिलिभगत करते हुए सरकारी राशन धान्य का घोटाला किए जाने के चलते अब उन दुकानदारों के खिलाफ भी फौजदारी कार्रवाई होगी. यदि इस मामले में प्रत्येक राशन दुकानदार के खिलाफ स्वतंत्र एफआईआर दर्ज की जाती है, तो राशन दुकान जिस पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित है, उस पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी होगी. ऐसा करने की बजाए स्थानीय गाडगे नगर पुलिस थाने में राशन घोटाले को लेकर पहले से दर्ज एफआईआर में उन सभी राशन दुकानदारों को सहआरोपी बनाया जा सकता है. जिसके चलते इस मामले में आरोपियों की संख्या एवं अपराधिक धाराओं में वृद्धि होने की पूरी संभावना है.

* बाजारभाव के अनुसार होगी रिकवरी
दोनों मामलों में 6110 क्विंटल अतिरिक्त राशन धान्य का घोटाला हुआ है. जिसकी वसूलपात्र रकम मौजूदा बाजार मूल्य के अनुसार तय होगी. इसमें अनाज को गोदाम तक लाने हेतु होनेवाले माल ढुलाई के खर्च और हमाली के खर्च को भी जोडा जाएगा. जिसके चलते इस घोटाले में वसूलपात्र रकम कई गुना अधिक बढ सकती है, ऐसी जानकारी आपूर्ति विभाग द्वारा दी गई है.

* अमरावती तहसील में सन 2025-26 के रिकॉर्ड की जांच किए जाने पर 2237 क्विंटल राशन का घोटाला उजागर हुआ था. जिसके बाद जिलाधीश की मान्यता से डीएसओ निनाद लांडे ने अपने कार्यकाल से पहले वाले रिकॉर्ड की आयओ के जरिए क्रॉस चेकिंग की. जिसके चलते वर्ष 2022 से 2025 के दौरान हुआ 3873 क्विंटल राशन का घोटाला भी उजागर होकर सामने आया.

Back to top button