बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पवित्र बंधन में बंधेंगे

खुद दी जानकारी, चार बच्चे भी पैदा करने का

नागपुर/ दि.27- नागपुर में एक कार्यक्रम में बागेश्वर बाबा के नाम से पहचाने जाने वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जमकर तारीफ की. इतना ही नहीं, इसके बाद दिए गए उनके एक बयान से हलचल मच गई है. बागेश्वर बाबा ने हर हिंदू को चार बच्चे पैदा करने की बात कही थी. इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी प्रतिक्रिया देनी पड़ी. इसके बाद अब बागेश्वर बाबा ने स्पष्टीकरण दिया है कि केवल दूसरों को चार बच्चे पैदा करने की बात नहीं है, बल्कि मैं खुद भी गृहस्थ जीवन जिऊंगा.
विवाह को लेकर आखिर क्या कहा?
विवाह को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने चार बच्चे पैदा करके एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को देने की बात कही थी. इस पर भी विवाद हुआ था. इस पर स्पष्टीकरण देते हुए शास्त्री ने कहा कि आगे चलकर मैं भी गृहस्थ बनूंगा. इसलिए मैं केवल लोगों को सलाह नहीं दे रहा हूं. चार बच्चे पैदा करके एक संघ को समर्पित करने का मतलब सेना में भेजना, शिक्षक बनाना, राष्ट्रप्रेमी बनाना है-ऐसा उन्होंने कहा.
किससे शादी होगी?
दो साल पहले भजन और भागवत कथा के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध जया किशोरी के साथ बागेश्वर बाबा की शादी होने की अफवाह फैली थी. इसी बीच एक एमबीबीएस की छात्रा ने धीरेंद्र शास्त्री से शादी करने की इच्छा जताई थी. संबंधित छात्रा ने अपनी इच्छा पूरी करने के लिए सिर पर गंगाजल लेकर गंगोत्री धाम से बागेश्वर धाम तक पदयात्रा शुरू की है. खास बात यह है कि छात्रा के पिता और भाई भी उसके साथ पदयात्रा में शामिल थे. उसने कहा था कि वह बागेश्वर बाबा से शादी करना चाहती है और मैंने धीरेंद्र शास्त्री को अपना प्राणनाथ स्वीकार किया है. इसलिए अपनी इच्छा पूरी करने के लिए बागेश्वर धाम जा रही हूं, ऐसा शिवरंजनी ने कहा था. हालांकि बाबा किससे शादी करेंगे, यह आने वाला समय ही तय करेगा.
अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते
हमें श्याम मानव या किसी और के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है. हमारा दरबार किसी भी अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता, बल्कि चमत्कार के नाम पर हो रहे धर्मांतरण को रोकने के लिए है-ऐसा भी बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने कहा. अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अनिस) के अध्यक्ष श्याम मानव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को उनकी ‘दिव्य शक्तियों’ को सिद्ध करने के लिए 80 लाख रुपये की खुली चुनौती दी है. इस पर नागपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने जवाब दिया.हम केवल हनुमान जी की प्रार्थना करते हैं. श्रद्धा और अंधश्रद्धा में बहुत कम फर्क है. किसी के बारे में जानकारी रखते हुए उसकी पूजा करना श्रद्धा है, जबकि बिना जानकारी के उसके पीछे चलना अंधश्रद्धा है. मैं कभी नहीं कहता कि मेरी पूजा करो. मुझ पर विश्वास रखो, ऐसा भी नहीं कहता. भक्तों को हनुमान जी से जोड़ने का ही हमारा प्रयास होता है. अगर हनुमान की पूजा और भक्ति करना अंधविश्वास है, तो फिर सभी पूजा पद्धतियां अंधविश्वास हैं. कुछ लोग संतों का अपमान करने की कोशिश करते हैं, यही उनका काम है-ऐसा भी धीरेंद्र शास्त्री ने कहा.

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