यवतमाल जिला बैंक का बोर्ड बर्खास्त
डिप्टी रजिस्ट्रार के हाथ में प्रशासन

यवतमाल /दि.29- यवतमाल जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, जिन्हें पहले कार्यकाल बढ़ाया गया था, को आखिरकार बर्खास्त कर दिया गया है. अब बैंक का प्रशासन जिला उपनिबंधक को सौंप दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, बैंक के संचालक मंडल का बढ़ा हुआ कार्यकाल 15 अप्रैल के आदेश के साथ समाप्त हो गया था, जिसकी राजपत्र (गजट) अधिसूचना भी जारी की गई थी. इसके बाद बैंक के दैनिक कामकाज को संभालने के लिए प्रशासक नियुक्त करना आवश्यक हो गया था. सोमवार, 27 अप्रैल को अमरावती संभाग के संयुक्त निबंधक द्वारा आदेश जारी कर जिला उपनिबंधक नानासाहेब चव्हाण को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया.
बता दें कि बैंक के संचालक मंडल का मूल कार्यकाल 20 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था. इसके बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई थी और 16 जनवरी 2026 को प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी. 17 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होनी थी, लेकिन चिखली गांव से जुड़े विवाद के चलते यह प्रक्रिया अटक गई. इस संबंध में अर्णी तहसील की एक सहकारी संस्था द्वारा हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर की गई थी, जिसके चलते 19 जनवरी को मतदाता सूची कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था. इसी बीच, राज्य सरकार ने 15 अप्रैल को नया कानून लागू किया, जिसमें ‘ए’ श्रेणी की सहकारी संस्थाओं के समाप्त कार्यकाल वाले बोर्ड को जारी रखने के बजाय नया प्रबंधन नियुक्त करने का प्रावधान किया गया.
इसके तहत संयुक्त निबंधक गौतम वर्धन द्वारा महाराष्ट्र सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 73 ए (3) (1) (ल) के तहत आदेश जारी किया गया. आदेश मिलते ही नानासाहेब चव्हाण ने सोमवार को जिला बैंक का कार्यभार संभाल लिया. आदेश के अनुसार, अधिकृत अधिकारी रजिस्ट्रार के सामान्य नियंत्रण में कार्य करेगा और बिना पूर्व अनुमति के कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेगा. साथ ही, बिना पूर्व स्वीकृति के किसी प्रकार का प्रशासनिक परिवर्तन भी नहीं किया जा सकेगा.