राज्य विधानमंडल की अनुमान समिति की बैठक
अमरावती संभाग के कामकाज की समिति ने की समीक्षा

अमरावती/दि.29- राज्य विधानमंडल की शक्तिशाली अनुमान समिति ने मंगलवार 28 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय स्थित नियोजन भवन में अमरावती संभाग के कामकाज की समीक्षा की. सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चली दो चरणों की बैठक में मेलघाट क्षेत्र के आदिवासियों के पुनर्वास, आश्रम शालाओं की समस्या तथा निधि के उपयोग को लेकर प्रशासन से कडे सवाल पूछे गये.
इस दौरान महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर समिति के अध्यक्ष अर्जुन खोतकर ने कडी नाराजगी व्यक्त करते हुए फटकार लगाई. सुबह 11 बजे शुरू हुई पहली बैठक दोपहर 2 बजे तक चली. जिसके बाद जिलाधिकारी आशीष येरेकर की मौजूदगी में समिति के अध्यक्ष, सदस्य और अधिकारियों ने शासकीय विश्रामगृह में भोजन का आस्वाद लिया. दोपहर 3 बजे बैठक का दूसरा चरण शुरू हुआ. जिसमें वन विभाग, सामाजिक वनीकरण और मेलघाट टाइगर प्रोजेक्ट के कार्यो की समीक्षा की गई.
उसी प्रकार अपर आयुक्त कार्यालय के अंतर्गत आनेवाले निधि, आश्रम शालााओं में सुविधाओं की कमी और छात्रावास के प्रलंबित मुद्दों पर समितियों के सदस्यों ने सवालों की बौछार कर दी. मेलघाट के आदिवासियों के पुनर्वास का मुद्दा इस बार भी बैठक में प्रमुख रूप से उठाया गया. साथ ही यह भी जांच की गई कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं. 28 विधायकों की इस समिति में पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार नाना पटोले, सदाशिव खोत, श्रीकांत भारतीय, चैनसुख संचेती, बबनराव लोणीकर, कृष्णा खोपडे, मंदा माकडे, सरोज अहीरे और नमिता मूंधडा जैसे वरिष्ठ नेताओं का समावेश था. परंतु इन बडे नेताओं द्बारा अमरावती दौरे पर आने से परहेज किए जाने के चलते प्रशासकीय और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का विषय बना हुआ है.





