विदर्भ में भीषण गर्मी, ट्रांसफॉर्मर भी ‘पसीना-पसीना’

सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए महावितरण की जद्दोजहद

* ट्रांसफॉर्मर को ठंडा रखने के लिए कूलर का इस्तेमाल
अमरावती/दि.30– पश्चिम विदर्भ में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. इस तेज गर्मी का असर बिजली वितरण व्यवस्था पर न पड़े और उपभोक्ताओं को निर्बाध व सुचारू बिजली आपूर्ति मिलती रहे, इसके लिए महावितरण ने विशेष उपाय शुरू किए हैं.
इसी के तहत उपकेंद्रों में लगे पावर ट्रांसफॉर्मर को ठंडा रखने के लिए विशेष कूलर लगाए जा रहे हैं. महावितरण के 33 केवी उपकेंद्रों में आमतौर पर 5 से 10 एमवीए क्षमता के एक या दो ट्रांसफॉर्मर होते हैं, जिनके माध्यम से हजारों उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है.
इन ट्रांसफॉर्मरों में मौजूद ऑयल तापमान नियंत्रण और इंसुलेशन के लिए बेहद अहम होता है. लेकिन अत्यधिक गर्मी में यह ऑयल ज्यादा गरम होकर अपने गुण खो सकता है, जिससे ट्रांसफॉर्मर ओवरहीट, खराब या आग लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसी खतरे को देखते हुए महावितरण ने 33/11 केवी उपकेंद्रों में ट्रांसफॉर्मर के बाहरी हिस्से पर ठंडी हवा देने के लिए कूलर का उपयोग शुरू किया है, ताकि उनका तापमान नियंत्रित रखा जा सके और संभावित खराबी से बचा जा सके.
इस बीच, बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग भी काफी बढ़ गई है, जिससे पूरी वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. ऐसी स्थिति में महावितरण के कर्मचारी भीषण गर्मी के बावजूद लगातार काम कर रहे हैं, ताकि बाधित बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल किया जा सके. महावितरण ने उपभोक्ताओं से इस दौरान सहयोग करने की अपील की है.

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