फार्मर आईडी न होने से 35 हजार किसानों को चोट

कृषि विभाग की योजनाओं के लाभ से वंचित रहेंगे

परतवाडा/दि.30 – कृषि विभाग द्वारा संचालित की जाती विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए ’ फार्मर आईडी ’ अनिवार्य कर दी गई है. बारबार किसानों से अपना पंजीयन कराने का अनुरोध करने पर भी अभी तक जिले के 35 हजार 221 किसानों ने अपनी आईडी पंजीकृत नहीं की है.ऐसे सभी किसानों को आगामी खरीफ सीजन में खाद , बीज, औषध और अन्य अनुदानित कृषि सामग्री प्राप्त करने के लिए अड़चनों का सामना करना होगा.
राज्य में 14 नवंबर 2024 से एग्रेस्टेक योजना शुरू की गई है.खरीफ मौसम के लिए विगत 15 अप्रैल से कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई. जिले में 4 लाख 56 हजार 369 खातेदार है जिसमें से 4 लाख 21 हजार 139 ने अपनी फार्मर आईडी का पंजीयन कराया है. 35 हजार 221 किसानों का आज तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है. इस कारण यह सभी किसान कृषि विभाग की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहेंगे.
कृषि विभाग की ओर से योजनाओं का लाभ लेने के लिए सभी अपंजीकृत किसानों को 20 मई से पूर्व फार्मर आईडी पंजीकृत करने का आव्हान कृषि उपसंचालक वरुण देशमुख ने किया है.किसानों की सहायता के लिए हेल्पडेस्क शुरू की गई. अमरावती संभाग की समस्या के लिए अजितकुमार गेजगे से 9657109809 इस मोबाइल पर संपर्क किया जा सकता है. किसान भाई तत्काल अपने नजदीकी सेवा सुविधा केंद्र पर पंजीयन करा अपनी फार्मर आईडी प्राप्त कर ले.किसान स्वयं भी एग्रीस्टेक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते है.
यहां बता दे कि योजनाओं के लाभ हेतु अचलपुर उपविभाग के अंजनगांव , अचलपुर , धारणी , चिखलदरा और दर्यापुर में किसानों की संख्या 1 लाख 49 हजार 454 है. इसमें से 1 लाख 43 हजार 486 किसानों का पंजीयन हो गया है. मोर्शी उपविभाग के वरुड , मोर्शी , चांदूर बाजार और तिवसा मे 1 लाख 43 हजार 613 किसानों में से 1 लाख 37 हजार 907 ने आईडी बना रखी है. वहीं भातकुली, अमरावती , धामनगांव रेलवे , चांदूर रेलवे , नांदगांव खंडेश्वर के 1 लाख 63 हजार 293 किसानों में से 1 लाख 39 हजार 746 ने अपना पंजीयन कर लिया है.

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