अमरावती में एक ही दिन के दौरान दो मर्डर

खोलापुरी गेट थाना क्षेत्र के युवा स्वाभिमान नगर में रविंद्र राजूरकर की हत्या, दो आरोपी हिरासत में

* चपरासीपुरा के शुक्रवार बाजार में सै. नजीम सै. सालार (बिच्छुटेकडी) को उताया गया मौत के घाट, दो आरोपी गिरफ्तार, अन्यों की तलाश जारी
* दोनों ही मामलो में पुरानी रंजीश मुख्य वजह रहने की बात आयी सामने, दोनों मृतकों का था अपराधीक रिकॉर्ड
* खोलापुरी गेट पुलिस कर रही दोनों मामलों की सघन जांच, हत्या की दो सनसनीखेज वारदातों से शहर में सनसनी
अमरावती/दि.11- शहर में कल रविवार मानो एक तरह से रक्तरंजीत रविवार रहा. क्योंकि पुरानी रंजीश जैसी वजह के चलते गत रोज शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर हत्या की दो वारदाते हुई. जिसमें से पहली वारदात शहर के खोलापुरी गेट पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत उजागर हुई. जहां पर रविंद्र राजुरकर (38, स्वाभिमान नगर, अकोली) की हत्या कर उसके शव को अकोली रेलवे स्टेशन परिसर के बाद स्थित जंगल परिसर में फेंक दिया गया था. इस मामले में अपराध शाखा ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं. जिनमें एक नाबालिग का समावेश हैं. वहीं हत्या की दूसरी वारदात चपरासीपुरा परिसर स्थित शुक्रवार बाजार परिसर में घटित हुई. जहां पर सैयद नाजीम सैयद सालार (35, शुक्रवार बाजार) को उसके ही साथ हमेशा उठने-बैठनेवाले कुछ युवकों ने आपसी विवाद होने के बाद चाकू से सपासप वार करते हुए मौत के घाट उतार दिया. एक ही दिन के दौरान हत्या की दो वारदाते घटित होने के चलते इस समय शहर में अच्छा खासा हडकंप व्याप्त हैं. खास बात यह है कि दोनों मृतकों का अपराधिक रिकॉर्ड रहने की जानकारी सामने आयी हैं तथा उन पर हुए जानलेवा हमलों के पीछे पुरानी रंजीश के मुख्य वजह रहने की बात भी स्पष्ट हुई हैं.

* मामा के साथ मारपीट का बदला लेने भानजे ने रविंद्र को उतारा मौत के घाट
– दोस्त की पानटपरी के साथ तोडफोड किए जाने को लेकर भी रविंद्र के खिलाफ था गुस्सा
गत रोज खोलापुरी गेट पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत पार्वती नगर रेलवे क्रॉसिंग परिसर में एक युवक का शव पडा रहने की जानकारी अपराध शाखा को मिली थी. जिसके बाद शुरू की गई जांच पडताल में मृतक की शिनाख्त रवि इश्वर राजुरकर के तौर पर हुई. मृतक की शिनाख्त होते ही मुखबीरो के जरिए मिली जानकारी के आधार पर अपराध शाखा के दल ने आकाश जगन्नाथ खोरगडे (25, स्वाभिमान नगर, अकोली रोड) सहित उसके एक नाबालिग साथिदार को हिरासत में लिया. जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि रविंद्र की हत्या पुरानी रंजीश के चलते की गई थी.
जानकारी के मुताबिक इस घटना की जडे विगत 29 अप्रैल को घटित एक झगडे के साथ जुडी हुई हैं. जब मनोज उर्फ मन्या शिरालकर व प्रवीण शिरालकर ने प्रशांत बावनेर नामक युवक के साथ बेदम मारपीट की गई और इस समय रविंद्र राजुरकर ने ही प्रशांत के हाथ पकडकर रखे थे. जिसके चलते प्रशांत अपने उपर हुए हमले का प्रतिकार नहीं कर सका. इस घटना के चलते प्रशांत के सगे भांजे आकाश खोरगडे के मन में रविंद्र राजुरकर को लेकर काफी घुस्सा था. वहीं इसके बाद रविंद्र राजुरकर ने विगत शनिवार को ही आकाश के एक दोस्त के पानठेले के साथ तोडफोड की थी. ऐसे में मामा के साथ हुई मारपीट और पानठेले में की गई तोडफोड के चलते आकाश सहित उसके दोस्त का संयम टूट गया. और उन्होंने किसका बदला लेने हेतु रविंद्र का गेम बजाने की योजना बनाई.
जानकारी के मुताबिक बिती शाम करीब 7 बजे के आसपास दोनों आरोपियों ने रविंद्र राजुरकर का अपहरण करते हुए उसे उठा लिया और फिर उसे अकोली रेलवे मार्ग परिसर के सुनसान जंगल क्षेत्र में लेकर गए. जहां पर उसके साथ लातघूसों और लाठीकाठी से जमकर पिटाई की गई. यह मारपीट इतनी अधिक भीषण थी की रविंद्र की मौके पर ही मौत हो गई. जिसके बाद सबुत नष्ट करने के उद्देश्य से दोनों आरोपियों ने रविंद्र के शव को रेलवे पटरी के किनारे घनी झाडियों को फेक दिया और वहां से भाग गए.
बिती रात करीब 8 बजे के आस पास इस घटना सामने आते ही अपराध शाखा के पीआई संदीप चव्हाण ने जांच के सूत्र अपने हाथ में लेते हुए आकाश सहित उसके नाबालिग साथीदार को अपनी हिरासत में लिया. जिन्होंने पहले तो टालमटोल वाले जवाब दिए. लेकिन कडाई के साथ पूछताछ किए जाने पर अपना अपराध कबूल कर लिया. खोलापुरी गेट पुलिस मामले की जांच कर रही हैं. यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला, पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे, श्याम घुगे व रमेश धुमाल, सहायक पुलिस आयुक्त शिवाजी बचाटे के मार्गदर्शन तथा अपराध शाखा के पीआई संदीप चव्हाण के नेतृत्व में एपीआई मनीष वाकोडे, महेश इंगोले व दशरथ आडे, पीएसआई गजानन सोनोने तथा पोहेकां सुनील लासुरकर, फिरोज खान, सतीश देशमुख, दिपक सुंदरकर, गजानन ढेवले, मनोज ठोसर, सचिन बहाले, मंगेश परिमल, आस्तिक देशमुख, जहीर शेख, मंगेश लोखंडे, प्रशांत मोहोड, संभाजी केंद्रे, नापोकां विकास गुडधे, अतुल संभे, मिर्जा नईम बेग, नाजीमोद्दीन सैयद, पोकां विशाल वाकपांजर, सागर ठाकरे, रंजीत गावंडे, राजीक रायलीवाले, सुरज चव्हाण, निखिल गेडाम, योगेश पवार, चेतन गुल्हाने तथा चालक चेतन शर्मा के पथक द्बारा की गई.

* बार-बार पैसों के तगादे से तंग आकर मारा गया सैयद नाजीम को
– चार माह पहले ही एमपीडीए से छूटकर बाहर आया था नाजीम
– पहले भी हत्या के मामले में एक साल जेल में रह चुका था
वहीं दूसरी ओर हत्या की दूसरी वारदात बिती रात करीब सव्वा दो बजे चपरासीपुरा परिसर स्थित शुक्रवार बाजार में घटित हुई. जहां पर सैयद नाजीम सैयद सालार (35) को चाकू से सपासप वार करते हुए मौत के घाट उतार दिया गया. पता चला है कि सैयद नाजीम अपने साथ उठने-बैठनेवाले दोस्तों से हमेशा ही पैसे उधार मांगा करता था और फिर उधार लिए गए पैसे वापिस लौटाने में टालमटोल किया करता था. बिती रात भी इसी बात को लेकर सैयद नाजीम का निशांत भोवते व यशराज कोरी सहित अन्य 4-5 युवकों के साथ शुक्रवार बाजार परिसर में झगडा हुआ. जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच चाकूबाजी भी हुई. जिसमें गले व सीने पर चाकू के गहरे घाव लगने के चलते सैयद नाजीम की मौत हो गई. वहीं निशांत नामक आरोपी के हाथ व पांव पर भी चाकू के वार लगे.
पता चला है कि वर्ष 2022 के दौरान बेनोडा परिसर में घटित हत्याकांड में सैयद नाजीम शामिल था. जिसके लिए वह करीब 1 साल तक जेल में रहा. वहीं वर्ष 2025 में उस पर फ्रेजरपुरा पुलिस ने एमपीडीए लगाते हुए उसे एक साल के लिए जेल भेज दिया था. जहां से वह चार माह पूर्व ही छुटकर बाहर आया था. हमाली और प्लंबिग का काम करने वाले सैयद नाजीम के पास हमेशा ही पैसों की किल्लत रहा करती थी. जिसके चलते ही वह हमेशा ही अपने दोस्तों से पैसे उधार मांगा करता था और फिर पैसे वापस लौटाने में टालमटोल करता था. उसकी इसी आदत के चलते गत रोज उसकी जान गई.
फे्रजरपुरा थाने के डीबी पथक प्रमुख पीएसआई राहुल महाजन व उनकी टीम ने बिती रात निशांत भोवते व यशराज कोरी नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही मामले की पडताल करने शुरू कर दी हैं. इस मामले में अन्य युवकों की भी भूमिका को खंगाला जा रहा हैं.

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