राष्ट्रीय कव्वाली स्पर्धा में संगाबा विद्यापीठ प्रथम

हैदराबाद में आयोजित प्रतियोगिता में दी बेहतरीन प्रस्तुति

* देशभर में किया विद्यापीठ का नाम रोशन
अमरावती/दि.11– मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय हैदराबाद में आयोजित 1 और 2 अप्रैल को राष्ट्रीय आंतर विद्यापीठ कव्वाली प्रतियोगिता में संगाबा विद्यापीठ अमरावती की टीम ने बेहतरीन कव्वाली की प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त कर देशभर में विद्यापीठ का नाम रोशन किया. इस प्रतिेयोगिता में देशभर से कुल 11 विश्वविद्यालयों के संगीतकार, साजिंदों और गायकों ने सहभाग लिया था. जिसमें संगाबा विद्यापीठ के कलाकारों की टीम ने प्रतियोगिता में सहभाग लेकर सफलता हासिल की. प्रत्येक टीम को 15 मिनट का समय दिया गया था. जिसमें संगीतबध्द और स्वयं की शस्तबध्द देशभक्ति पर आधारित और एक फिल्मी या अन्य कोई भी कव्वाली प्रस्तुत करनी थी.
संगाबा विद्यापीठ के कर्मचारी तथा शायर अनंत नांदुरकर द्बारा लिखित कव्वाली (हमें जहां से प्यारा मेरा वतन) ने प्रतियोगिता में सभी को मंत्रमुग्ध किया. इस कव्वाली को डॉ. निखिलेश नलोडे ने संगीतबध्द किया था. गौरतलब है कि डॉ. निखिलेश नालोडे यह संगाबा विद्यापीठ में पिछले 18 सालों से संगीत में अपना योगदान दे रहे हैं. उन्होेने संगीत कव्वाली में पीएचडी की है. बॉलीवुड से भी इनका संबंध बताया जा रहा है. 15 मिनट में खुद की बनाई धुन पर और दूसरी प्रस्तुत गैर फिल्मी कव्वाली की शानदार देशभक्ति राउंड में (हमें जहां से प्यारा मेरा वतन), (गीतकार अनंत नांदुरकर) और दूसरी कव्वाली (आज रंग है री मां रंग है री) मूल रचियता हजरत अमीर खुसरो ने अपने आध्यात्मिक गुरू (मुर्शिद) प्रसिध्द ख्वाजा अजमेर के मुईनुद्दीन चिश्ती निजामुद्दीन औलिया के प्रति अपना प्रेम और समर्पण व्यक्त करने के लिए रची थी. इसमें खुसरो अपनी मां को बताते है कि उन्हें पीर निजामुद्दीन औलिया के रूप में अपना प्रीतम मिल गया है और उनके घर में खुशियां के रंग छा गये है. यह कव्वाली प्रस्तुत की गई थी.
कव्वाली प्रतियोगिता में हार्मोनियम पर अमर कटोरे (अकोट), तबला पर हितेश व्यास (परतवाडा) ने साथ संगत दी तथा ढोलक पर उभरती प्रतिभा मास्टर कार्तिक नंदवंशी (परतवाडा) ने अपनी उंगलियों का जादू बिखेरा. यह पहला मौका था जब राष्ट्रीय स्तर पर अमरावती विद्यापीठ को कव्वाली प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ. टीम के व्यवस्थापक डॉ. अभिजीत अणे व राधिका देशमुख इनका भी सहयोग रहा. इन्होंने भी कव्वाली की प्रस्तुति दी.
गायकों में गजानन पलासकर महात्मा ज्योतिबा फुले कॉलेज ऑफ अमरावती, कल्याणी सावके, शिवाजी कॉलेज ऑफ ऑर्ट्स एंड सायंस अकोला, शर्वरी देशमुख, गजानन महाराज इंजीनियरिग कॉलेज शेगांव, ओम कराले, शिवाजी साइंस कॉलेज अमरावती, गौरी लढ्ढा गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज अमरावती, आंचल सरदार शिवाजी कॉलेज अकोट , साक्षी वानखडे वीएमवी कॉलेज अमरावती, अजय हागे, शिवाजी कॉलेज अकोट, ईश्वरी इंगले शिवाजी कॉलेज अकोट, गौरी मालंथकर शिवाजी कॉलेज अकोट का समावेश रहा. संगाबा विद्यापीठ को प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर कुलगुरू डॉ. मिलिंद बारहाते, प्र- कुलगुरू डॉ. महेंद्र ढोरे, रजिस्टार डॉ. अविनाश असनारे, छात्र विकास निदेशक डॉ. राजीव बोरकर ने विद्यापीठ की टीम का अभिनंदन कर शुभकामनाएं दी.

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