मातृदिवस पर तीन माताओं पर नियती का कुठाराघात
घातखेडा तालाब लील गया चार बच्चों की जिंदगी

* मृतकों में सगे भाई बहन का समावेश, खुद पिता ने अपने ऑटो से बच्चों को पिकनिक मनाने के लिए छोडा था
* खोलापुरी गेट व महाजनपुरा परिसर निवासी कुल 11 बजे पिकनीक मनाने पहुंचे थे घातखेडा तालाब पर
* एक बच्चे का पांव गाद में फंसने के बाद तीन बच्चे उसे बचाने के लिए गए थे
* चारों बच्चों की गाद में फंसने और पानी में डूब जाने की वजह से हुई मौत
* शेष बच्चों की चीखपुकार को सुनकर गांववासी व रेस्क्यू टीम पहुंचे मौके पर
* खोज अभियान के बाद चारों बच्चों के शव ही हाथ आए, मचा हडकंप
* खबर के सामने आते ही चारों परिवार पर टूटा दूखों का पहाड, माता-पिता रूदन क्रंदन से फटा आसमान
* खोलापुरी गेट परिसर सहित पूरे शहर में शोक की लहर, परिसर में किसी के घर नहीं जला चुल्हा
* इर्विन अस्पताल में मचा रहा कोहराब, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए बच्चों के शव
* बेहद शोकाकुल माहौल में चारों बच्चों के शवों का हुआ अंतिम संस्कार
अमरावती/दि.11- स्थानीय फ्रेजपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मार्डी रोड पर गोडे कॉलेज के पास घातखेडा स्थित तालाब पर गत रोज पिकनीक मनाने हेतु पहुंचे 11 बच्चों में से चार बच्चों की तालाब के गहरे पानी में डूब जाने की वजह से मौत हो गई. मृतकों में सगे भाई-बहन का भी समावेश हैं तथा सभी बच्चे आपस में रिश्तेदार भी थे. इस खबर के सामने आते ही खोलापुरी गेट थाना क्षेत्र स्थित महाजनपुरा परिसर में अच्छा खासा हडकंप व्याप्त हो गया हैं. चारों मृतक बच्चों की पहचान मानव उर्फ आदित्य नरेंद्र जोशी (12), सोनाली नरेंद्र जोशी (16), यश गजानन काकने (13) व पायल बबलू पंडीत (21) के तौर पर हुई हैं. जिसमें से मानव जोशी व सोनाली जोशी सगे भाई-बहन थे. वहीं गत रोज दोपहर घटित इस घटना के बाद चारों बच्चों के शवों को शाम करीब 6 बजे जिला शवागार में लाया गया. जहां पर बडी संख्या में महाजनपुरा परिसर निवासी लोगों की भीडभाड इकट्ठा हो गई थी. वहीं आज सुबह जिला शवागार में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चारो बच्चों के शव उनके परिजनों के हवाले किए गए. जिनकी महाजनपुरा परिसर से अंतिम यात्राएं एकसाथ निकाली गई और उनके पार्थिवों पर हिंदू स्मशानभूमि में बेहद शोकाकुल माहौल के बीच अंतिम संस्कार किए गए. इस समय मृतक बच्चों के माता-पिता व परिजनों के हृदन व क्रंदन को सुनकर सभी का कलेजा फट रहा था.
* 11 बच्चे पहुंचे थे घातखेडा तालाब पर पिकनीक मनाने
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक महाजनपुरा परिसर निवासी जोशी परिवार के दोनों बच्चों में कल रविवार की छूट्टी रहने के चलते अपने रिश्तेदारी वाले बच्चों के साथ मार्डी रोड पर गोडे कॉलेज के पास स्थित घातखेडा तालाब पर जाकर पिकनीक मनाने और डब्बा पार्टी करने का निर्णय लिया. जिसके चलते यश गजानन काकने (13), मानव उर्फ आदित्य नरेंद्र जोशी (12), सोनाली नरेंद्र जोशी (16) व पायल बबलू पंडीत (21) सहित आचल गजानन काकने (16), सलोनी निलेश मोहोड (17), नंदिनी बालू काकने (21), आदित्य पिंटू मकेश्वर (17), कार्तिक पिंटू मकेश्वर (13) व भूमिका नरेंद्र जोशी (16) गत रोज दोपहर घातखेडा तालाब परिसर में पहुंचे थे.
* अपने तीन बच्चों सहित सभी बच्चों को नरेंद्र जोशी ने ऑटो से छोडा था घातखेडा
इस घटना का सबसे दूखद पहलु यह है कि इन सभी बच्चों को मृतक सोनाली व आदित्य के पिता नरेंद्र जोशी खुद अपने ऑटो रिक्षा के जरिए अमरावती से करीब 9 किमी की दूरी पर स्थित घातखेडा तालाब परिसर पर छोडकर आए थे. जहां पर वे कुछ देर रूके हुए भी थे. जिसके बाद बच्चों ने उन्हें कहां था कि रूकने की बजाय वे वापिस लौट जाएं और जब बच्चों का खेलना कुदना हो जाएगा, तब उन्हें यानी नरेंद्र जोशी को फोन कर दिया जाएगा तब वे बच्चों को वापिस लेने के लिए आ सकते हैं. यह सुनने के बाद नरेंद्र जोशी वहां से अपना ऑटो लेकर वापिस लौट आए. लेकिन उन्हें क्या पता था कि कुछ देर बाद उन्हें अपने बच्चों की मौत हो जाने की खबर मिलेगी और बच्चों की बजाय उनकी लाशे देखनी पडेगी.
* दो भाई-बहनों ने अपनी आंखों के सामने अपने भाई-बहनों को देखा डूबते हुए
इसके साथ ही इस घटना का और एक दुखद पहलु यह है कि जिस समय यह हादसा घटित हुआ. उस समय तालाब के किनारे पर सोनल व मानव जोशी की मंझली बहन भूमिका नरेंद्र जोशी तथा यश काकडे की बहन आचल गजानन काकडे भी उपस्थित थे. जिन्होंने अपनी आखों के सामने अपने भाई-बहन को तालाब के पानी में डूबते और दम तोडते देखा.
* पानी में फंसे मानव जोशी को बचाने आगे बढे तीन बच्चे, चारों की डूबकर मौत
मौके पर उपस्थित बच्चों द्बारा दी गई जानकारी के मुताबिक गत रोज घातखेडा तालाब परिसर में पहुंचने के बाद कुछ बच्चे उत्साह में आकर तैरने हेतु तालाब के पानी में उतर गए. लेकिन तालाब के जलपात्र में बडे पैमाने पर गाद व किचड जमा रहने के चलते पानी में खेलते समय मानव जोशी का पैर दलदल में फंस गया और वह मदद के लिए चिल्लाने लगा. जिसे बचाने के लिए 21 वर्षीय पायल पंडीत आगे बढी लेकिन वह भी दलदल में अटककर रह गई. यह देखते ही उन दोनों को बचाने के लिए सोनाली जोशी व यश काकडे पानी में उतरे, लेकिन वे भी दलदल में फंसते चले गए और देखते ही देखते काल ने उन चारों बच्चों पर झपट्टा मारते हुए उन्हें अपना शिकार बना लिया. इस समय किनारे पर मौजूद शेष सभी बच्चों ने जमकर चिखपुरकार मचाते हुए सहायता के लिए गुहार लगाई. जिसे सुनकर आसपास स्थित लोग बाग और गांववासी तुरंत ही मौके पर पहुंचे तथा फ्रेजरपुरा पुलिस सहित रेस्क्यू टीम को सुचित किया गया. परंतु तब तक काफी देर हो चुकी थी और खोज अभियान के दौरान चारों बच्चों के शव ही हाथ लग पाए.
* परिजन हुए बदहवास, रो-रो कर बुरा हाल
इस घटना की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन बदहवास होकर विद्यापीठ से मार्डी रोड के निकट गोडे कॉलेज के पास स्थित घातखेडा तालाब परिसर में पहुंचे. और चारो बच्चों के शवों को देखते ही बिलख- बिलख कर रोने लगे. जिसके बाद पंचनामे की प्रक्रिया को पूरा करते हुए चारों बच्चों के शवों को शाम करीब 6 बजे के आसपास जिला सामान्य अस्पताल के शवागार में लाया गया. जहां पर पहले से ही भारी संख्या में लोगों की भीड जमा थी, ऐसे में हालात को नियंत्रित रखने हेतु डीसीबी गणेश शिंदे, एसीपी शिवाजी बचाटे व कोतवाली के थानेदार मनोहर कोटनाके के नेतृत्व में पुलिस का कडा बंदोबस्त लगाया गया था.
* आज सुबह हुआ पोस्टमार्टम, एक साथ निकाली गई अंतिम यात्रा, शोकाकुल माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
आज सुबह 11 बजे चारों मृतक बच्चों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिए गए. पश्चात खोलापुरी गेट व महाजनपुरा परिसर स्थित उनके निवासस्थानों से उनकी अंतिम यात्राएं निकाली गई तथा बेहद शोकाकुल वातावरण के बीच चारों बच्चों के पार्थिवों का हिंदू स्मशानभूमि में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस समय स्मशानभूमि में भी इन चारों बच्चों को अंतिम बिदाई देने हेतु बडी संख्या में लोगों की भीड इकट्ठा रही तथा चारों बच्चों की जलती चिताओं को देखकर हर एक की आंखे नम हो गई.
* परिसर में किसी के घर नहीं जला चुल्हा
बिती शाम जैसे ही यह खबर सामने आई कि घातखेडा स्थित तालाब में महाजनपुरा व खोलापुरी गेट परिसर के चार बच्चों की पानी में डूब जाने की वजह से मौत हो गई हैं, वैसे ही पूरे परिसर में जबरदस्त शोक की लहर व्याप्त हो गई तथा रविवार की शाम के बाद इस परिसर के किसी भी घर में चुल्हा नहीं जला.
* मातृदिवस पर तीन मांओं से बिछडे उनके चार बच्चे
विशेष उल्लेखनीय है कि कल रविवार 10 मई को हर ओर बडी धूमधाम के साथ मातृदिवस मनाया गया और बच्चों ने अपनी माताओं को मातृदिवस की शुभकामनाएं भी दी. वहीं दूसरी ओर घातखेडा तालाब परिसर में घटित हादसे की वजह से तीन माताओं पर मानों दुखों का पहाड टूट पडा. क्योंंकि उन तीन माताओं के चार बच्चे उनसे हमेशा-हमेशा के लिए बेहद कम उम्र में ही जूदा हो गए. जिसके चलते आदित्य व सोनाली जोशी, यश काकने तथा पायल पंडित की माताओं का रो-रो कर पूरा हाल रहा.
* पिकनीक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान
उल्लेखनीय है कि विगत कुछ दिनों से विद्यापीठ से कुछ आगे मार्डी रोड पर डॉ. गोडे कॉलेज के पास स्थित घातखेडा तालाब पर्यटन स्थल व पिकनीक स्पॉट के रूप में प्रसिध्द हो रहा हैं जहां पर बडी संख्या में लोगबाग घुमने-फिरने हेतु आते हैं और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने हेतु रिल भी बनाते हैं. लेकिन इस तालाब के पास खतरे की चेतावनी देनेवाला कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है. साथ ही साथ इस घटना चलते यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि विगत लंबे समय से इस तालाब से गाद व किचड निकालकर साफ-सफाई का काम नहीं किया गया हैं. यहीं वजह रही की गत रोज जैसे ही इस परिसर में पिकनीक मनाने पहुंचे बच्चे तालाब के पानी में उतरे तो पानी में उतरते ही उनके पैर गाद व किचड में फंसते चले गए और पानी में डूब जाने की वजह से उनकी मौत हो गई. ऐसे में अब सभी पर्यटन स्थलों व पिकनीक स्पॉट पर खतरे की चेतावनी देनेवाले बोर्ड लगाने तथा तालाबों की गाद व किचड निकालकर साफ-सफाई करने की मांग की जा रही हैं.





