14 से फिर ठप हो सकती है शहर की जलापूर्ति!

मजीप्रा ठेकेदार असो. ने दी बेमियादी कामबंद की चेतावनी

* जैसे-तैसे पांच दिन बाद शहर की जलापूर्ति कल से ही हुई है सुचारू
* आधे शहर में आज छह दिन बाद नलों से आया पानी
* वहीं अब एक बार फिर पानी को लेकर त्राहिमाम मचने के आसार
अमरावती/दि.12- अमरावती महानगर में विगत करीब 5-6 दिनों से जलापूर्ति ठप रहने केे चलते पानी को लेकर त्राहीमामवाली स्थिति रही और लोगबाग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए. जिसके बाद कल सोमवार 11 मई से जैसे तैसे जलापूर्ति सुचारू हुई और आधे शहर को पानी मिला. वहीं शेष आधे शहर के नसीब में आज मंगलवार 12 मई को पानी आया. जिसके चलते पानी को देखकर हर कोई हर्षाया हुआ हैं. लेकिन अब शहर पर एक बार फिर जलापूर्ति के ठप्प होने और भीषण जलकिल्लत की स्थिति पैदा होने का खतरा मंडरा रहा हैं. क्योंकि महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के जलापूर्ति ठेकेदारों ने अपने बकाया भुगतान की अदायगी सहित अन्य प्रलंबित मांगों की पूर्तता के लिए जीवन प्राधिकरण को 14 मई तक अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि 14 मई तक ठेकेदारों की मांगे पूरी नहीं होती है तो 14 मई से ठेकेदारों द्बारा कामबंद आंदोलन करते हुए पूरे शहर की जलापूर्ति को ठप कर दिया जाएगा.
बता दें कि विगत सप्ताह अप्पर वर्धा बांध से अमरावती को जलापूर्ति करनेवाले जलशुध्दि केंद्र तक पानी पहुंचानेवाली मुख्य जलवाहिनी में डवरगांव के निकट लिकेज हो जाने की वजह से अमरावती महानगर में लगभग 5 से 6 दिनों तक जलापूर्ति ठप रहीं और पानी को लेकर त्राहिमाम मचने के साथ ही अमरावती शहरवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए. खास बात यह है कि इस समय तेज धूप और भीषण गर्मी वाला मौसम चल रहा हैं. जिसके चलते अचानक पैदा हुई जलकिल्लत की यह समस्या काफी भीषण हो गई थी. वहीं अब 5-6 दिनों के अंतराल पश्चात जैसे तैसे कल सोमवार 11 मई को आधे शहर में जलापूर्ति की गई और शेष आधे शहर में आज मंगलवार 12 मई को मजीप्रा द्बारा नलों के जरिए पानी छोडने का काम किया गया. जिसके चलते लोगो ने काफी हद तक राहत की सांस ली. लेकिन अब पूरे शहर पर एक बार फिर जलापूर्ति के ठप होने और जलकिल्लत की समस्या पैदा होने का खतरा मंडरा रहा हैं. क्योंकि अपनी प्रलंबित मांगो सहित लंबे समय से बकाया रहनेवाले देयको के त्वरीत भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मजिप्रा ठेकेदार असोसिएशन ने परसो यानी 14 मई से बेमुदत काम बंद आंदोलन करने की चेतावनी दी हैं. साथ ही कहा है कि 14 मई से शुरू किए जानेवाले आंदोलन के दौरान ठेकेदारों द्बारा मजीप्रा के साथ कोई सहयोग भी नहीं किया जाएगा. ऐसे में 14 मई के बाद शहर की जलापूर्ति ठप होने के लिए पूरी तरह से मजिप्रा ही जिम्मेदार रहेगा.
यदि 14 मई से जलापूर्ति ठेकेदारों द्बारा अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करते हुए अनिश्चित काल के लिए काम बंद किया जाता है तो शहर में पानी को लेकर हालात वाकई भयावह तरीके से बिकट हो सकते हैं. जिसका छोटासा उदाहरण विगत 5-6 दिनों के दौरान अमरावती महानगरवासी देख और भुगत भी चुके हैं. हालाकि राहत वाली बात यह रही की इस समय अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे जलापूर्ति ठेकेदारों ने पूरी तरह से काम बंद नहीं किया हैं. जिसके चलते ठेकेदारों ने अपने आंदोलनकाल के दौरान डवरगांव के निकट मुख्य पाईपलाईन में हुए लिकेज को दुरूस्त करने के साथ ही शहर के अलग-अलग इलाकों में जलापूर्ति करने का काम जारी रखा था. लेकिन अब जलापूर्ति ठेकेदारों ने 14 मई से कामबंद आंदोलन करने की चेतावनी दी हैं और साफ शब्दों में कहा है कि यदि 14 मई तक जलापूर्ति ठेेकेदारों को उनके बकाया देयको का भुगतान अदा नहीं होता है तो 14 मई के बाद जलापूर्ति ठेकेदारों द्बारा जलापूर्ति संबंधित कोई काम नहीं किया जाएगा तथा मजीप्रा के साथ किसी भी तरह का कोई सहयोग भी नहीं किया जाएगा, ऐसे में इस बात की प्रबल आशंका है कि यदि यह कामबंद आंदोलन शुरू होता है तो शहर में पानी को लेकर एक बार फीर त्राहीमाम वाली स्थिति बन सकती हैं.

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