महाराष्ट्र में 30 जून से एसआईआर
चुनाव आयोग ने कर दिया तीसरे चरण का ऐलान

* राज्य में 9 करोड 86 लाख वोटर्स की होगी पूरी वेरिफिकेशन
* 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ का घर-घर दौरा
* ड्राफ्ट वोटर लीस्ट 5 अगस्त को
* 4 सितंबर तक आपत्तियों की सुनवाई
* दावों का निपटारा 5 अगस्त से 3 अक्तूबर तक
* 7 अक्तूबर को फाइनल वोटर लीस्ट
मुंबई/दि.14 – देशभर में चर्चित स्पेशल इंटेंसिव रिविजन एसआईआर अंतर्गत महाराष्ट्र में 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर प्रत्येक वोटर्स की संपूर्ण स्क्रीनिंग करेंगे. यह घोषणा चुनाव आयोग ने आज कर दी. एसआईआर से अछूते रहे देश के सभी प्रांतों के लिए आयोग ने आज विशेष कार्यक्रम की घोषणा करते हुए महाराष्ट्र के 9 करोड 86 लाख वोटर्स के एक-एक कागज की पडताल करने की घोषणा की है. एसआईआर पश्चात महाराष्ट्र की फाइनल वोटर लीस्ट 7 अक्तूबर को जारी होगी. आयोग के शेड्यूल में जून-जुलाई के माह सम्मिलित है. जबकि इसी दौरान महाराष्ट्र में बारिश का सीजन रहता है.
चुनाव आयोग ने देश केे शेष सभी राज्यों के लिए आज एसआईआर चरण तीन के शेड्यूल को जारी किया. जिसके अनुसार महाराष्ट्र में 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर वोटर्स के कागजात देखेंगे. यह कार्यवाही 29 जुलाई तक जारी रहेगी. उपरांत 5 अगस्त को प्रारुप मतदाता सूची जारी होगी. जिस पर आपत्तियां और दावे अगले एक महिने तक सुने जाएंगे. 4 सितंबर तक आपत्तियां ली जाएगी. दावों का निपटारा 3 अक्तूबर तक कर दिया जाएगा. तत्पश्चात 7 अक्तूबर को महाराष्ट्र की एसआईआर पश्चात अंतिम मतदाता सूची जारी करने की बात चुनाव आयोग ने कही है.
तीसरे चरण में यूं तो कर्नाटक सहित अनेक छोटे-बडे राज्य है. किंतु सर्वाधिक वोटर्स का केवल महाराष्ट्र ही सबसे बडा राज्य होने की जानकारी देते हुए बताया गया कि, एसआईआर के लिए मैपिंग की गई है. अमरावती, नागपुर सहित विदर्भ के जिले इस मैपिंग में अच्छे प्रदर्शन के साथ अव्वल बने हुए हैं. आयोग ने बताया कि, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान में दूसरे फेज में वोटर्स का वेरिफिकेशन हो चुका हैं.
* कौनसे दस्तावेज होंगे मान्य
– किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र
– जन्म प्रमाणपत्र
– पासपोर्ट
– कक्षा दसवीं की मार्कशीट
– स्थायी निवास प्रमाणपत्र
– वन अधिकार प्रमाणपत्र
– जाति प्रमाणपत्र
– राष्ट्रीय रजिस्टर में नाम
– परिवार रजिस्टर में नाम
– आधार कार्ड
– जमीन या मकान आवंटन पत्र
* कौन करेंगे वेरिफिकेशन?
ब्लॉक लेवल अधिकारी और बूथ लेवल एजेंट बीएलओ और बीएलए घर-घर जाकर वोटर्स से फॉर्म भरवाकर जानकारी लेंगे. उनका वेरिफिकेशन करेंगे. एसआईआर दौरान बीएलओ नागरिक को फॉर्म देंगे. वोटर लीस्ट में नाम नहीं है, तो जोडने के लिए फॉर्म भरना होगा. सभी संबंधित डॉक्युमेंट देने होंगे. अगर दो जगह मतदाता सूची में नाम है, तो उसे एक जगह से हटवाना होगा. ताजा घोषणा 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश के लिए है. पूरी समयसारणी बताई गई है.
* एसआईआर का उद्देश्य
एसआईआर चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है. जिसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लीस्ट अपडेट की जाती है. 18 साल या उससे अधिक आयु के नए लोगों को मतदाता सूची में जोडा जाता है. ऐसे ही जिनका निधन हो गया है, अथवा जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं. उनके नाम हटाए जाते हैं. नाम, पता और अन्य गल्तियों को भी ठीक किया जाता है. एसआईआर का उद्देश्य कोई भी योग्य वोटर मतदाता सूची से न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न होने पाए, यही एसआईआर का उद्देश्य है. 1951 से लेकर 2004 तक एसआईआर हो गया है. पिछले 21 वर्षों से बाकी है. इस लंबी अवधि में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरुरी है. जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लीस्ट में नाम होना.





