लाड़ली बेटी की शादी में हुआ हादसा

कन्यादान के समय पिता का करुण अंत

बुलढाणा/दि.14 – सनई-चौघड़ों की धुन, मंगलाष्टकों के स्वर, डीजे का शोर और खुशी से भरे हुए बाराती मेहमान-ऐसे मंगलमय माहौल में बेटी का विवाह संपन्न हुआ. लेकिन विदाई से पहले कन्यादान के समय वधू के पिता की हार्ट अटैक से दुखद मृत्यु हो गई. इस घटना ने शादी की खुशी को पलभर में शोक में बदल दिया. नवविवाहित जोड़े सहित सभी उपस्थित लोगों पर शोक की लहर छा गई. यह दुखद घटना बुलढाणा जिले के वर्दडी बुद्रुक में मंगलवार, 12 मई की शाम को हुई. कुरूमदास पुंडलिक भुतेकर (उम्र 50) इस वधू के पिता का नाम है.
भुतेकर की बेटी नंदिनी की शादी जालना जिले के मंठा तालुका के आर्डा (तोलाजी) निवासी प्रदीप महादेव नानोटे से तय हुई थी. अपनी लाड़ली बेटी का सुखी संसार हो और शादी यादगार बने, इसके लिए भुतेकर कई दिनों से तैयारी में जुटे थे. उन्होंने खुद घर-घर और रिश्तेदारों को जाकर शादी का निमंत्रण दिया था. शादी के दिन मंगलवार, 12 मई को दोपहर तक घर में बहुत उत्साह और खुशी का माहौल था. दोनों पक्षों के मेहमानों की मौजूदगी में विवाह समारोह खुशी-खुशी संपन्न हुआ.
दोपहर के मुख्य विधियों और शादी संपन्न होने के बाद शाम करीब 5 बजे विदाई से पहले बेहद भावुक कन्यादान की प्रक्रिया शुरू हुई. सभी रिश्तेदार और बाराती उपस्थित थे. भुतेकर धार्मिक विधि के अनुसार अपनी बेटी नंदिनी का कन्यादान कर रहे थे, तभी अचानक उनकी छाती में तेज दर्द उठा और वे वहीं बैठते-बैठते गिर पड़े. उन्हें हार्ट अटैक आने की बात तुरंत लोगों को समझ में आ गई और पूरे विवाह मंडप में शोक फैल गया.
* चार महीने पहले हुई बायपास सर्जरी
कुरूमदास भुतेकर की माँ का 26 दिसंबर को निधन हुआ था. उसी महीने उन्हें हार्ट अटैक आने पर बायपास सर्जरी भी करानी पड़ी थी. उनके बेटे विशाल की शादी 21 अप्रैल को हुई थी. केवल 21 दिनों के अंतर से बेटी की शादी भी तय थी. कुरूमदास भुतेकर का अंतिम संस्कार आज गुरुवार को शोकपूर्ण माहौल में किया गया. उनके पीछे पत्नी, दो भाई, एक बेटा, दो बेटियाँ, बहुएँ और नाती-पोते का परिवार है.

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