यवतमाल में चार सराफा दुकानों पर तलाशी
सहकारिता का अवैध साहूकारी विरोधी पथक

* एक साथ छापे मारे जाने से खलबली
यवतमाल/दि.14 – तहसीलदार और सहायक निबंधक की समिति द्बारा दिए गये निर्देश पर चार अवैध साहूकारी विरोधी दलों ने यवतमाल के चार सराफा दुकानों पर छापा मारा. चारों ही प्रतिष्ठानों की खाना तलाशी लेकर संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए. सराफा व्यापारियों में इस छापा मारी से खलबली मची है. बुधवार को की गई कार्रवाई की चपेट में पलक ज्वेलर्स, राठी ज्वेलर्स, वेदधारीणी ज्वेलर्स, विनायक ज्वेलर्स आए. इनके विरूध्द महाराष्ट्र साहूकारी नियंत्रण अधिनियम 2014 की धारा 14 के अनुसार 11 मई को तहसील स्तर की समिति को शिकायत मिली थी.
चारों ज्वेलर्स दुकानों से अवैध साहूकारी होने की शिकायत की. उसके अनुरूप तहसीलदार और सहायक निबंधक में तहसील स्तर की प्रशासकीय समन्वय समिति को चारों ज्वेलर्स पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे. समिति की सचिव और सहायक निबंधक रीता निनावे ने चार टीमें गठित कर चारों ज्वेलर्स पर एक साथ रेड की.
तलाशी दौरान सराफा दुकानों से आपत्तिजनक कागजात, सौदा पत्र, खरीदी खत और अन्य कागजात जब्त किए गये. जांच में दो परवानाधारक और दो बगैर परवाना साहूकारी करने की बात सामने आयी है. कागजात की पडताल पश्चात महाराष्ट्र साहूकारी अधिनियम 2014 के प्रावधानों के अनुसार अगली कार्रवाई प्रस्तावित की जायेगी.
यह कार्रवाई जिलाधिकारी विकास मीना, एसपी कुमार चिंता, उपनिबंधक नानासाहब चव्हाण, तहसीलदार डॉ. योगेश देशमुख, निरीक्षक नंदकिशोर काले के मार्गदर्शन में सहायक निबंधक रीता निनावे, कैलाश खटारे, वी.के. हिरूलकर, प्रकाश झलके, राजस्व अधिकारी, मंडल अधिकारी, पुलिस और सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने की.
ज्वेलरी की आड में साहूकारी
जिले में ज्वेलरी की आड में साहूकारी का गौरखधंधा धडल्ले से शुरू है. सहकारिता विभाग के पास पंजीबध्द, परवानाधारक साहूकारों की संख्या गिनती की है. तुलना में अवैध साहूकार और ज्वेलर्स की संख्या काफी है. सोना गिरवी रखकर 3 प्रतिशत ब्याज पर साहूकारी की जाती है. कोई पक्का बिल नहीं दिया जाता. कागज के टुकडे पर लाखों रूपए का व्यवहार शुरू है. बुधवार की छापा मारी के बाद अवैध साहूकारों में खलबली मची है.





