नीट पेपर लीक मामला, महाराष्ट्र की सबसे बडी कोचिंग क्लासेस पर छापा
लातूर के शिवराज मोटेगांवकर गिरफ्तार

* पूरे मराठवाडा में 15 से 20 नगरों में चलती थी आरसीसी कोचिंग क्लासेस
* 40 हजार विद्यार्थी कोचिंग में आते थे
* एक साल में डेढ सौ करोड से अधिक का टर्नओवर
* शिवराज मोटेगांवकर नीट पर्चा लीक का मास्टरमाइंड
* एक्झाम से 10 दिन पहले ही मोटेगांवकर के पास पूरा पेपर आ जाता था
* बच्चों के भविष्य से खिलवाड
नई दिल्ली/मुंबई /दि.18- नीट पेपर लीक केस में सोमवार को 10 वीं गिरफ्तारी हुई. सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर से केमिस्ट्री कोचिंग डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया. इस गिरफ्तारी से समस्त महाराष्ट्र में तहलका मच गया है. विशेषकर कोचिंग संस्थान संचालक सहम गए हैं. मोटेगांवकर केमेस्ट्री के निष्णांत अध्यापक रहने के साथ विद्यार्थी वर्ग में एम-टू सर के नाम से फेमस रहने की जानकारी देते हुए बताया गया कि, उनकी कोचिंग क्लास का वार्षिक टर्नओवर 100 करोड के लगभग है. समूचे मराठवाडा में प्रसिद्ध मोटेगांवकर के पकडे जाने से नीट पर्चा लीक प्रकरण का पूरा कच्चा चिठ्ठा और प्रत्येक लाभार्थी सामने आ सकता हैं. अधिकारियों के अनुसार, रविवार को सीबीआई की तलाशी के दौरान रघुनाथ के मोबाइल से नीट यूजी का लीक पेपर बरामद हुआ. यह भी बताया गया कि, एक्झाम से 10 दिन पहले ही मोटेगांवकर के पास पूरा पेपर आ जाता था. मोटेगांवकर के कोचिंग संस्थान की समस्त मराठवाडा में लगभग 20 नगरों में शाखाएं होने के साथ 40 हजार से अधिक विद्यार्थी रहने की भी जानकारी मिली है.
सीबीआई के मुताबिक मोटेगांवकर संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो नीट पेपर लीक कराने और आगे फैलाने में शामिल है. उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल को ही पेपर और आंसर की हासिल की और कई लोगों को दी थी. सीबीआई ने 15 मई को मोटेगांवकर से उसके घर पर 8 घंटे पूछताछ की थी. मोटेगांवकर का लातूर समेत 7 जिलों में रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) नाम का कोचिंग सेंटर है. रविवार को सीबीआई ने आरसीसी के मेन ऑफिस पर छापा मारकर कई डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जब्त किया.
मोटेगांवकर के हैंडसेट से नीट का लीक पेपर मिलने से यह भी दावा किया जा रहा है कि, विद्यार्थियों के भविष्य के साथ भयंकर खिलवाड हुआ है. इस कोचिंग से जुडे विद्यार्थियों को ही कथित रुप से गेस पेपर के नाम से प्रत्यक्ष परीक्षा में आनेवाले सवाल बता दिए गए थे. हालांकि केंद्रीय जांच ब्यूरो संपूर्ण तहकीकात में लगा है. गहन पूछताछ हो रही है. प्रकरण में और भी गिरफ्तारियां संभावित है. मोटेगांवकर की गिरफ्तारी से समस्त महाराष्ट्र के कोचिंग संस्थान सहम गए हैैं और भी बडी मछलियां इस प्रकरण में अटकने की अटकलें शुरु हो गई है. मोटेगांवकर प्रकरण का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. जबकि 20 वर्षों से अधिक पुराने उसके कोचिंग संस्थान आरसीसी कोचिंग क्लासेस का सालाना टर्नओवर 150 करोड से अधिक रहने का भी दावा खबर में किया गया है. फलस्वरुप मामला बहुत बडा बताया जा रहा है. नीट जैसे महत्वपूर्ण एक्झाम के इस प्रकार पर्चे लीक और उसके गेस पेपर का प्रकरण संगीन बताया गया है.





