कौन हैं करोड़ों के टर्नओवर वाले शिवराज मोटेगांवकर सर?
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने किया गिरफ्तार

लातूर/दि.18 – नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने लातूर के फेमस टीचर शिवराज मोटेगांवकर सर को गिरफ्तार किया है. बता दें कि शिवराज मोटेगांवकर सर अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स और करोड़ों के टर्नओवर को लेकर भी प्रसिद्ध हैं.
नीट पेपर लीक मामले में लगातार कार्रवाई जारी है. इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कइयों से पूछताछ भी की जा रही है. अब नीट पेपर लीक के जांच के दौरान महाराष्ट्र के लातूर के प्रसिद्ध शिवराज मोटेगांवकर सर का नाम भी चर्चा में आ गया है. सीबीआई की टीम ने उनसे बीते कई दिनों से पूछताछ की और अब गिरफ्तार कर लिया है.
* किसान परिवार से आते हैं शिवराज सर
शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के कोचिंग जगत में एम-2 सर के नाम से जाना जाता हैं. वह लातूर का एक केमिस्ट्री टीचर हैं, जिन्होंने आरसीसी क्लासेस को राज्य के सबसे बड़े नीट-जेईई कोचिंग ब्रांड्स में से एक बनाया. मोटेगांवकर लातूर के एक किसान परिवार से आते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साइंस के छात्रों को निजी ट्यूशन पढ़ाकर की थी और अक्सर साइकिल से पूरे शहर में जाकर पढ़ाते थे. करीब 1999 में उन्होंने किराए के एक कमरे से केवल 10 छात्रों के साथ कोचिंग क्लास शुरू की. पूर्व छात्रों के मुताबिक, शुरुआती वर्षों में वह खुद केमिस्ट्री पढ़ाते थे, हाथ से नोट्स तैयार करते थे और कक्षा 11वीं, 12वीं तथा प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के छोटे बैच संचालित करते थे.
अगले दो दशकों में आरसीसी (रेणुकाई करियर सेंटर) लातूर की तेजी से बढ़ती कोचिंग इंडस्ट्री के साथ विकसित हुआ और जिले के प्रसिद्ध लातूर पैटर्न से जुड़ गया, जो प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाना जाता है. ठउउ के केमिस्ट्री नोट्स, टेस्ट सीरीज मॉड्यूल और शिक्षण पद्धति महाराष्ट्र भर के छएएढ, गएए और उएढ अभ्यर्थियों के बीच काफी लोकप्रिय हुई.
* 100 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर
आज स्थानीय कोचिंग इंडस्ट्री के मुताबिक आरसीसी के विभिन्न केंद्रों जिनमें लातूर, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर और कोल्हापुर शामिल हैं, में हर साल करीब 40,000 छात्र दाखिला लेते हैं. फीस संरचना के आधार पर स्थानीय सूत्र संस्थान का वार्षिक टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से अधिक बताते हैं. इसके पहले छात्र मोटेगांवकर को ऐसे शिक्षक के रूप में याद करते हैं जिन्होंने ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए केमिस्ट्री को आसान बनाया. लातूर के स्थानीय लोगों की माने तो, शिक्षा के क्षेत्र में उनके काम की वजह से उन्हें एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व माना जाता है.
* क्लासरूम कोचिंग से आगे निकला संस्थान
आरसीसी के विस्तार के साथ संस्थान ने केवल क्लासरूम कोचिंग तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि डिजिटल लर्निंग, राज्यव्यापी टेस्ट सीरीज, मेंटरशिप प्रोग्राम और नीट, जेईई तथा एमएचटी-सीईटी अभ्यर्थियों के लिए ऐप आधारित अध्ययन सामग्री भी शुरू की. संस्थान की वेबसाइट के अनुसार, शिवराज मोटेगांवकर केमिस्ट्री में गोल्ड मेडलिस्ट हैं और उन्हें दूरदर्शी शिक्षाविद बताया गया है.
जांच एजेंसियां सेवानिवृत्त केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के साथ उनके संबंधों की भी जांच कर रही हैं. पीवी कुलकर्णी को इस मामले में पहले गिरफ्तार किया गया है, और उस पर केमिस्ट्री से जुड़े प्रश्न लीक करने का आरोप है. लातूर के कोचिंग जगत से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कुलकर्णी ने कुछ समय पहले आरसीसी क्लासेस में पढ़ाया था. ऐसे में शिवराज मोटेगांवकर और नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी के संबंधों की जांच सीबीआई कर रही है.
* पेपर लीक में प्रत्यक्ष भूमिका
शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की नीट यूजी परीक्षा प्रश्नपत्रिका-2026 लीक मामले में प्रत्यक्ष भूमिका सामने आई है. वह प्रश्नपत्र लीक और प्रसारित करने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य बताए गए हैं. अन्य आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तरपत्रिका हासिल की गई. शिवराज मोटेगांवकर के घर पर की गई तलाशी के दौरान उनके मोबाइल फोन में नीट यूजी 2026 के लीक हुए प्रश्न मिले. बता दें कि 14 मई 2026 को लातूर के शिवाजी नगर स्थित मोटेगांवकर के निवास पर छापेमारी की गई थी. मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया. उनपर छढ- से जुड़े सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचने का आरोप है.
शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने लीक हुई प्रश्नपत्रिका और उत्तरपत्रिका की प्रतियां विवेक पाटील समेत कई लोगों को उपलब्ध कराईं. लीक हुई नीट यूजी परीक्षा 2026 की हस्तलिखित प्रश्नपत्र प्रतियां किन-किन लोगों को दी गईं, उन सभी नामों का अब तक खुलासा नहीं किया गया है. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने परीक्षा के बाद लीक हुई प्रश्नपत्रिकाएं नष्ट कर सबूत मिटाने की कोशिश की. उपलब्ध सबूतों के आधार पर शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त और उचित कारण पाए गए हैं.
* मोटेगांवकर पर किन धाराओं के तहत कार्रवाई हुई?
शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के खिलाफ इछड, 2023 की धारा 61 (2), 238, 303 (2), 316 (5), 318 (4), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (वर्ष 2018 में संशोधित) की धारा 13(2) के साथ 13 (1) (र) तथा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 10 के साथ धारा 3, 4, 5 और धारा 11 के तहत दंडनीय अपराध दर्ज किए गए हैं.





