विद्यापीठ में कर्मचारियों का आंदोलन तेज

मुख्य इमारत के सामने भव्य सभा

अमरावती /दि.19- संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय में विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी संघ द्वारा शुरू किए गए आंदोलन का दूसरा चरण आज से और अधिक तीव्र हो गया है. शासन द्वारा मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिए जाने से कर्मचारियों में भारी असंतोष फैल गया है. इसी के चलते आज दोपहर अवकाश के दौरान विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासनिक इमारत के प्रवेश द्वार पर एक भव्य विरोध सभा का आयोजन किया गया. इस सभा में विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
पिछले कई दिनों से कर्मचारियों की जायज मांगों पर शासन की ओर से कोई सकारात्मक भूमिका नहीं अपनाई गई है. इसी अन्याय के विरोध में आज सैकड़ों कर्मचारी मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने एकत्रित हुए और शासन की नीतियों का तीव्र विरोध किया. इस दौरान कर्मचारी एकजुटता की विजय हो जैसे गगनभेदी नारों से पूरा विश्वविद्यालय परिसर गूंज उठा.
* मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और तेज- अजय देशमुख
इस ऐतिहासिक सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय देशमुख ने कर्मचारियों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटने का संकल्प व्यक्त किया. उन्होंने कहा, शासन द्वारा लगातार किए जा रहे अन्याय के खिलाफ अब सड़क पर उतरने के अलावा हमारे सामने कोई विकल्प नहीं बचा है. आज की यह विरोध सभा केवल शुरुआत है. यदि शासन ने तत्काल हमारी मांगें स्वीकार नहीं कीं, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा.
* विभिन्न संगठनों का आंदोलन को समर्थन
इस विरोध सभा में अधिकारी फोरम के डॉ. दादाराव चव्हाण और पिछड़ा वर्ग कर्मचारी संगठन के उपाध्यक्ष श्री मंगेश वरखेडे प्रमुख रूप से उपस्थित थे. उन्होंने कर्मचारियों के इस संघर्ष को अपना सार्वजनिक समर्थन दिया. सभा का समापन करते हुए कर्मचारी संघ के महासचिव नरेंद्र घाटोल ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने इस संघर्ष को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों से इसी तरह एकजुट बने रहने की अपील की. इस द्वारसभा में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, महिला कर्मचारी और अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे. अंत में कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा.

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