जब शहर अभियंता पवार पर भडकी पार्षद सुमति ढोके

निधि के आवंटन में भेदभाव व दुजाभाव करने का लगाया आरोप

* पुराने व ‘गब्बर’ पार्षदों के घर जाकर निधि दिए जाने की बात कही
* नए पार्षदों को निधि के लिए घुमाने व निधि से वंचित रखने पर जताया संताप
* शहर अभियंता पवार के साथ पार्षद ढोके की जमकर हुई ‘हमरी-तुमरी’
* काफी देर तक शहर अभियंता कार्यालय में मचा रहा हडकंप, चर्चाओ का दौर तेज
अमरावती/दि.19- बिती शाम मनपा मुख्यालय स्थित शहर अभियंता कार्यालय में उस समय अच्छे खासे हडकंप वाली स्थिति बन गई, जब शहर अभियंता रविंद्र पवार से मिलने हेतु पहुंची युवा स्वाभिमान पार्टी की पार्षद सुमति ढोके ने आरोप लगाया कि दलित बस्ती सुधार योजना सहित विभिन्न योजनाओ के तहत विकास कामों व निर्माण कार्य हेतु दी जानेवाली निधि के आवंटन में मनपा प्रशासन द्बारा भेदभाव किया जा रहा हैं. जिसके तहत जहां एक ओर कुछ पुराने व ‘गब्बर’ हो चुके पार्षदों के घरों तक मनपा कार्यालय से फाईले ले जाकर निधि आवंटित की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर नए पार्षदों के साथ निधि आवंटन के मामले में दूजाभाव करते हुए उन्हें निधि के लिए टालमटोल वाले जवाब देते हुए घुमाने का काम किया जा रहा हैं. प्रभाग क्रमांक 20 सुतगिरणी-सामरा नगर क्षेत्र की पार्षद सुमति ढोके द्बारा उपरोक्त आरोप लगाने के साथ ही शहर अभियंता रविंद्र पवार को बेहद उंची आवाज में खडे बोल सुनाते हुए जमकर आडे हाथ लिया गया. इस समय दोनो पक्षों के बीच कुछ हद तक शाब्दिक तनातनी भी हुई. जिसके चलते शहर अभियंता कार्यालय में काफी देर तक वातावरण तनावपूर्ण भी रहा. वहीं शहर अभियंता कार्यालय से निकलते निकलते पार्षद सुमति ढोके ने यह चेतावनी भी दे डाली कि यदि मनपा प्रशासन द्बारा निधि के आवंटन में अपनी मनमानी तथा नए पार्षदों के साथ दूजाभाव को बंद नहीं किया गया तो वे मनपा प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन शुरू करने के बारे में भी विचार करेंगी. कार्यालय में अचानक बढ़े इस विवाद के कारण कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया. कर्मचारियों एवं अन्य अधिकारियों के बीच भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा का दौर देर तक चलता रहा.
बताया जाता है कि पार्षद सुमति ढोके अपने प्रभाग क्रमांक 20 सुतगिरणी-सामरा नगर क्षेत्र के विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों व निधि मंजूरी को लेकर शहर अभियंता कार्यालय पहुंची थीं. पार्षद ढोके ने आरोप लगाया कि मनपा प्रशासन द्वारा निधि वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है. उनके अनुसार कुछ पुराने तथा प्रभावशाली ‘गब्बर’ पार्षदों के घरों तक फाइलें पहुंचाकर उनके विकास कार्यों को तत्काल मंजूरी दी जाती है, जबकि नए पार्षदों को लगातार कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि दलित बस्ती सुधार योजना के अंतर्गत उनके क्षेत्र में कई जरूरी विकास कार्य लंबित पड़े हैं, लेकिन बार-बार निवेदन करने के बावजूद निधि मंजूर नहीं की जा रही. दूसरी ओर कुछ चुनिंदा प्रभागों में तेजी से काम स्वीकृत किए जा रहे हैं. पार्षद ढोके ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार नहीं कर रहे और राजनीतिक प्रभाव के आधार पर काम किए जा रहे हैं.
* शहर अभियंता कार्यालय में हुई तीखी नोकझोंक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पार्षद सुमति ढोके और शहर अभियंता रविंद्र पवार के बीच काफी देर तक तीखी बहस चली. बातचीत का स्वर इतना तेज हो गया कि कार्यालय के बाहर तक आवाजें सुनाई देने लगीं. कुछ कर्मचारियों ने बीच-बचाव का प्रयास भी किया. सूत्रों के अनुसार पार्षद ढोके ने बेहद आक्रामक अंदाज में अधिकारियों से सवाल पूछे और यह जानना चाहा कि आखिर उनके प्रभाग के प्रस्तावों को लगातार लंबित क्यों रखा जा रहा है. वहीं शहर अभियंता कार्यालय की ओर से प्रक्रिया और तकनीकी औपचारिकताओं का हवाला दिए जाने की चर्चा भी रही. हालांकि विवाद के दौरान किसी प्रकार की हाथापाई जैसी स्थिति नहीं बनी, लेकिन हमरी-तुमरी के इस घटनाक्रम ने मनपा मुख्यालय में काफी देर तक हलचल मचा दी.
* तीव्र आंदोलन करने की दी चेतावनी
कार्यालय से बाहर निकलने के बाद पार्षद सुमति ढोके ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निधि आवंटन में कथित भेदभाव और मनमानी बंद नहीं हुई, तो वे अन्य उपेक्षित पार्षदों को साथ लेकर मनपा प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ेंगी. उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें विकास कार्यों के लिए चुना है, लेकिन यदि प्रशासन ही बाधा बनकर खड़ा रहेगा तो जनप्रतिनिधियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा.
* मनपा के गलियारों में चर्चाएं तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मनपा मुख्यालय में निधि वितरण की प्रक्रिया, प्रशासनिक कार्यशैली तथा जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. कई पार्षदों में भी अंदरखाने असंतोष होने की चर्चा सामने आ रही है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है.
* शहर अभियंता पवार की ओर से कोई प्रतिसाद व प्रतिक्रिया नहीं
इस पूरे मामले को लेकर जानकारी व प्रतिक्रिया हेतु संपर्क करने का प्रयास किए जाने पर शहर अभियंता रविंद्र पवार की ओर से कोई प्रतिसाद नहीं दिया गया. जिसके चलते इस मामले उनका और मनपा प्रशासन का पक्ष ज्ञात नहीं हो पाया.

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