आज भी भीषण गर्मी की चपेट में रही अमरावती
अधिकतम तापमान रहा 46 डिग्री के पार

* तेज धूप व गर्म हवाओं से जनजीवन प्रभावित
* दोपहर के समय सडको पर पसरा रहा सन्नाटा
* अगले दो दिन गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम
अमरावती/दि.19- इस समय अमरावती सहित पूरे विदर्भ क्षेत्र में गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर दिए हैं. मंगलवार को अमरावती में भीषण गर्मी का असर पूरे दिन महसूस किया गया. शहर का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार रहने से नागरिकों को तीखी धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा. आज भी सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया था, जबकि दोपहर होते-होते सड़कें लगभग सूनी नजर आने लगीं. बाजारों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही दिखाई दी.
मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ क्षेत्र में फिलहाल शुष्क और गर्म हवाओं का प्रभाव बना हुआ है. हवा में नमी का स्तर कम होने तथा पश्चिमी दिशा से आने वाली गर्म हवाओं के कारण तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है. दोपहर के समय वातावरण इतना गर्म हो गया कि लोगों को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया. शहर के कई इलाकों में लू जैसे हालात महसूस किए गए.
* दिहाड़ी मजदूरों और राहगीरों की बढ़ी परेशानी
भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, डिलीवरी कर्मचारियों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों पर दिखाई दिया. तेज धूप और तपती सड़कों के कारण कामकाज प्रभावित हुआ. दोपहर के समय अनेक निर्माण स्थलों पर मजदूर छांव की तलाश करते नजर आए. कई लोगों ने गर्मी से बचने के लिए सिर पर गमछा, टोपी और कपड़ा बांधकर काम किया.बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा बाजार क्षेत्रों में भी लोगों की संख्या सामान्य से कम रही. ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने के रस, नींबू पानी तथा फलों की दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखाई दी. शहर में बिजली की मांग भी बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या सामने आने लगी है.
* अस्पतालों में बढ़ने लगी मरीजों की संख्या
लगातार बढ़ती गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है. सरकारी और निजी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और थकावट जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है. चिकित्सकों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए नियमित अंतराल पर पानी पीना जरूरी है. अत्यधिक गर्मी में खाली पेट बाहर निकलने से भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. चिकित्सकों ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है.
* शाम को भी नहीं मिली राहत
सामान्यतः शाम के समय तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिलती है, लेकिन मंगलवार को देर शाम तक गर्म हवाएं चलती रहीं. रात में भी वातावरण में उमस और गर्मी बनी रही, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल सकी. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक विदर्भ क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप इसी प्रकार बना रह सकता है. यदि स्थानीय स्तर पर बादल विकसित होते हैं तो कुछ स्थानों पर हल्की आंधी चलने की संभावना बन सकती है, लेकिन फिलहाल बारिश के आसार बहुत कम हैं.
* गर्मी से बचाव के लिए विशेषज्ञों की सलाह
दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें. अधिक मात्रा में पानी, छांछ और नींबू पानी का सेवन करें. हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें. बच्चों और बुजुर्गों को धूप से दूर रखें. खाली पेट घर से बाहर न निकलें. तेज धूप में काम करते समय सिर अवश्य ढंकें. लू के लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें.





