कल मनपा की आमसभा में छाया रहा ‘अमरावती मंडल’

अखबार तथा युट्यूब चैनल की खबरों का दिया गया हवाला

* पिछली आमसभा की प्रोसेडिंग को लिखा गया था गलत तरिके से
* गलती साबित करने आमसभा में ‘मंडल’ की खबरें आई काम
अमरावती/दि.21- गत रोज हुई मनपा की आमसभा में उस समय काफी हद तक हंगामेवाली स्थिति बनी जब सदन के पटल पर रखी गई पिछली आमसभा की प्रोसेडिंग पूरी तरह से गलत रहने की बात सामने आयी. जिसकी ओर ध्यान जाते ही पूर्व महापौर व स्वीकृत पार्षद मिलींद चिमोटे सहित पार्षद मंगेश मनोहरे व धीरज हिवसे ने विगत 23 अप्रैल को हुई आमसभावाले दिन ‘दैनिक अमरावती मंडल’ में प्रसारित खबर सहित ‘मंडल न्यूज’ के युट्यूब चैनल पर प्रसारित आमसभा के सीधे प्रसारण का हवाला देते हुए उस आमसभा में हुई चर्चा पश्चात लिए गए निर्णय की जानकारी सदन के सामने रखी तथा सदन को बताया कि पिछली आमसभा में हुए निर्णय पश्चात महापौर श्रीचंद तेजवानी द्बारा जो रूलिंग दी गई थी, उससे ठिक उलट बात आमसभा के कार्यवृत्तांत में दर्ज हैं. एसे में कहा जा सकता है कि कल की आमसभा में एक तरह से ‘अमरावती मंडल एवं मंडल न्यूज’ की खबरे ही पूरी तरह से छायी रही.
बता दें कि विगत 23 अप्रैल को हुई मनपा की आमसभा में शहर की साफसफाई को लेकर जबरदस्त ढंग से हंगामा मचा था तथा आरोप लगाया गया था कि साफ-सफाई के काम को लेकर करोडो रुपयों का ठेका हासिल रखनेेवाली कोणार्क कंपनी द्बारा शहर में साफ-सफाई का काम सही ढंग से नहीं किया जा रहा. जिसे लेकर हुई चर्चा के बाद आमसभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि कोणार्क कंपनी को तीन माह के देयकों का भुगतान नहीं किया जाएगा. आमसभा में सर्वसम्मति के साथ लिए गए इस निर्णय और इस पर महापौर द्बारा लगाई गई अपनी मुहर को लेकर 23 अप्रैल को ही दैनिक ‘अमरावती मंडल’ प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था. साथ ही खास बात यह भी थी कि मंडल मीडिया समुह के युट्यूब चैनल ‘मंडल न्यूज’ पर भी पूरा दिन आमसभा की कार्रवाई का सीधा प्रसारण दिया गया था. जिसे शहर में रहनेवाले लाखों लोगों ने देखा भी था. लेकिन हैरतवाली बात यह रही कि पिछली आमसभा का जो कार्यवृत्तांत मनपा प्रशासन द्बारा तैयार करते हुए गतरोज हुई आमसभा में मंजुरी हेतु रखा गया. उसमें हैरतअंगेज तरीके से कोणार्क कंपनी को साफ-सफाई के कामों की एवज में भुगतान करने की बात कहीं गई थी. जिस पर ध्यान जाते ही स्वीकृत पार्षद मिलींद चिमोटे व अनिल अग्रवाल सहित पार्षद मंगेश मनोहरे व धीरज हिवसे ने जबरदस्त तरीके से विरोध जताया और पिछली आमसभा की प्रोसेडिंग में गलत जानकारी दर्ज रहने की ओर सदन पर ध्यान दिलाया.
खासबात यह रही कि पिछली आमसभा के कार्यवृत्तांत में रहनेवाली गंभीर चूक की ओर ध्यान दिलाने के साथ ही उस गलती को पूरजोर तरीके से साबित करने हेतु पार्षद मिलींद चिमोटे व मंगेश मनोहरे द्बारा दैनिक ‘अमरावती मंडल’ में 23 अप्रैल को प्रकाशित खबर के साथ ही आमसभा वाले दिन मंडल न्यूज द्बारा किए गए सीधे प्रसारण की वीडियो क्लिप को सबुत के तौर पर सदन में पेश किया गया. जिनमें पिछली आमसभा में हुई चर्चा एवं आम सहमती के साथ लिए गए निर्णय से संबंधित सभी तथ्य मौजूद थे. जिसे देखने के बाद सत्ता पक्ष सहित मनपा प्रशासन ने अपनी गलती को स्विकार किया तथा पिछली आमसभा के कार्यवृत्तांत में संशोधन करते हुए उसे मंजूरी हेतु अगली आमसभा में रखने की बात कहीं.
यहां इस बात का भी उल्लेख किया जा सकता है कि यदि कल हुई आमसभा में मनपा के 4 विपक्षी पार्षदों द्बारा सतर्कता नहीं दिखाई गई होती और यदि उनके पास सबुत व साक्ष्य के तौर पर दैनिक ‘अमरावती मंडल’ व ‘मंडल न्यूज’ द्बारा प्रकाशित व प्रसारित खबरे नहीं रही होती, तो संभवत: कल की आमसभा में पिछली आमसभा की गलत प्रोसिडिंग को ही मंजूरी मिल गई होती एवं उक्त मंजूरी के साथ ही कोणार्क कंपनी को तीन माह का बकाया भुगतान अदा किए जाने का रास्ता भी खुल गया होता. परंतु चार पार्षदों की सतर्कता एवं अमरावती मंडल की सजग पत्रकारिता के चलते ऐसा होने से बच गया.

* ‘मंडल’ की वीडियो क्लिप आई काम
इस संदर्भ में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व महापौर व स्वीकृत पार्षद मिलींद चिमोटे ने कहा कि विगत 23 अप्रैल की सुबह आमसभा शुरू होने के 1 घंटा 7 मिनट बाद से 1 घंटा 25 मिनट तक करीब 18 मिनट कोणार्क कंपनी एवं साफसफाई के मुद्दे को लेकर ही चर्चा चली थी. जिसकी पूरी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग ‘मंडल न्यूज’ द्बारा युट्यूब पर किए गए सीधे प्रसारण में दर्ज थी. साथ ही उस आमसभा की पूरी कार्रवाई से संबंधित खबर ‘अमरावती मंडल’ में भी प्रकाशित हुई थी. ऐसे में जब गतरोज हुई आमसभा में पिछली सभा की प्रोसेडिंग हाथ आई, तो उसे ‘टैली’ करना काफी आसान रहा. स्वीकृत पार्षद चिमोटे के मुताबिक यद्यपी चूक और गलती ध्यान में आने के बाद अब उसे अगली आमसभा तक दुरूस्त कर लिया जाएगा. लेकिन निश्चित रूप से यह चूक क्यों, कैसे व किससे हुई, इसकी जांच तो होनी ही चाहिए.

* ‘मंडल’ की खबरे नहीं होती, तो गडबड हो जाती
राकांपा पार्षद मंगेश मनोहरे ने इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आमसभा में हुए निर्णय से ठिक उलट बाद को कार्यवृत्तांत में दर्ज करना अपने आप में बेहद गंभीर मामला हैं. जिसकी ओर समय रहते ध्यान चले जाने की वजह से संभावित अनर्थ टल गया. इसमें दैनिक ‘अमरावती मंडल’ एवं ‘मंडल न्यूज’ द्बारा प्रकाशित खबरों की भुमिका सबसे प्रमुख कही जा सकती हैं. मनपा प्रशासन ने आगे से यह ध्यान रखना चाहिए कि इस तहर की गंभीर गलती दूबारा कभी न हो.

* सत्तापक्ष व मनपा प्रशासन की मंशा पर संदेह
कांग्रेस पार्षद धीरज हिवसे ने इस पूरे मामले को लेकर मनपा के सत्तापक्ष सहित मनपा प्रशासन की मंशा पर संदेह उपस्थित करते हुए कहा कि किसी भी आमसभा से पहले पिछली आमसभा की प्रोसेडिंग को महापौर के सामने रखा जाता है और महापौर द्बारा उस प्रोसेडिंग पर हस्ताक्षर करते हुए उसे अपनी मंजूरी दी जाती है. ऐसे में हैरत जताई जा सकती है कि प्रोसेडिंग में खुद अपनी ही रूलिंग दर्ज नहीं रहने और गलत जानकारी लिखी रहने की ओर महापौर का ध्यान कैसे नहीं गया और उनके हस्ताक्षर के साथ सदन में पिछली आम सभा की गलत प्रोसेडिंग कैसे रखी गई, यह अपने आप में बेहद गंभीर मामला है. जिसकी जांच भी होनी चाहिए.

विगत 23 अप्रैल को हुई मनपा की आमसभा को लेकर दैनिक ‘अमरावती मंडल’ में प्रकाशित खबर.

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