‘विदर्भ के नंदनवन’ में पारा 41.9 से 42 डिग्री सेल्सीअस

बढती गर्मी के कारण पर्यटकों की संख्या हुई कम

* जिले के ग्रामीण अस्पतालों में स्वास्थ्य यंत्रणा सज्ज
चिखलदरा/दि.22- ‘विदर्भ का नंदनवन’ और प्रसिद्ध हिल स्टेशन चिखलदरा में बढती गर्मी के कारण पर्यटकों की संख्या कम हुई है. मई माह में पारा 41.9 से 42 डिग्री सेल्सीअस के आसपास दर्ज किया गया. विशेषत: मई माह के दूसरे पखवाडे में पारा बढने से स्थानीय नागरिक और पर्यटकों को परेशानी हो रही है. उष्माघात के मरीजों के लिए ग्रामीण अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है.

* तापमान के बढने से पर्यटकों की संख्या हुई कम
चिखलदरा में बढते तापमान के चलते यहां के पर्यटन व्यवसाय को फटका लगा है. चिखलदरा में अप्रैल माह की तुलना में मई माह की शुरुआत में पर्यटकों की संख्या अच्छी-खासी थी. अप्रैल माह में यहां 5 हजार वाहन पहुंचे, जिससे नगर पालिका को 35 हजार रुपए पर्यटक कर प्राप्त हुआ है. वहीं मई माह में 7 हजार पर्यटक यहां पहुंचे, जिससे नगर पालिका को 50 हजार रुपए का उत्पन्न हुआ. मई माह के पहले पखवाडे में पर्यटकों की संख्या यहां दिखाई दी, किंतु अब भीषण गर्मी के चलते पर्यटकों ने यहां आना बंद कर दिया. जिससे पर्यटन स्थल पर सन्नाटा छाया हुआ है.

* ग्रामीण अस्पताल में उष्माघात कक्ष सज्ज
चिखलदरा में बढते तापमान की वजह से स्थानीय प्रशासन द्वारा उपाययोजना के तहत यहां ग्रामीण अस्पताल में उष्माघात कक्ष तैयार कर उसमें विशेष रुप से व्यवस्था मरीजों के लिए की गई है. अस्पताल में औषधोपचार और उष्माघात कक्ष तैनात किए जाने की जानकारी वैद्यकीय अधिकारी एम. एस. माने ने दी है, तथा स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से व पर्यटकों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे, ऐसा आवाहन किया.

* चांदुर बाजार में स्वास्थ्य केंद्र पर उष्माघात प्रतिबंध उपाययोजना
बढते तापमान की वजह से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर चांदुर बाजार तहसील के पांचों एसएससी परीक्षा केंद्र पर उष्माघात प्रतिबंधक पथक स्थापित किए गए थे और सभी तहसील के उपकेंद्रों पर भी उष्माघात से बचाव के लिए विशेष उपाययोजना की गई, ऐसी जानकारी तहसील आरोग्य अधिकारी डॉ. उज्वला डकरे ने दी. परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों को गर्मी से राहत मिले, इसके लिए कूलर की व्यवस्था की गई, ओआरटी कॉर्नर का भी निर्माण किया गया तथा ओआरएस पाउडर, पीने के पानी व उष्माघात से बचाव के लिए आवश्यक वैद्यकीय साहित्य भी उपलब्ध करवाए गए. आरोग्य विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से विद्यार्थियों पर सतत ध्यान दिया गया. उष्णता की तीव्रता को देखते हुए नागरिक दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर निकलना टाले और भरपूर पानी पीए, ऐसा आवाहन डॉ. उज्वला डकरे ने किया.

* नांदगांव खंडेश्वर तहसील में उष्माघात कक्ष
ग्रामीण अस्पताल सहित तहसील के पांचों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उष्माघात कक्ष स्थापित किए गए है. धामक, मंगरुल चवाला, सातरगांव, पापल, लोणी-टाकली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उष्माघात कक्ष में चार बेड और कूलर की व्यवस्था, जलसंजीवनी (ओआरएस) कॉर्नर व 24 घंटे वैद्यकीय अधिकारी यहां कार्यरत है, तथा एंबुलेंस की सेवा भी यहां उपलब्ध है. उष्माघात से संबंधित औषधियां भी यहां उपलब्ध है, ऐसा तहसील वैद्यकीय अधिकारी डॉ. प्राजक्ता वानखडे ने कहा.

* नांदगांव खंडेश्वर ग्रामीण अस्पताल में उष्माघात का कक्ष
नांदगांव खंडेश्वर स्थित ग्रामीण अस्पताल में उष्माघात कक्ष स्थापित किया गया है. इस कक्ष में दो बेड की व्यवस्था के साथ कूलर और उष्माघात से संबंधित सभी औषधियां उपलब्ध करवाई गई है.
– डॉ. पांडुरंग कावरे
एमएस, ग्रामीण अस्पताल, नांदगांव खंडेश्वर.

* मरीज बढे, उष्माघात के लिए अलग व्यवस्था नहीं
अंजनगांव सुर्जी के ग्रामीण अस्पताल में गर्मी की वजह से मरीजों की संख्या बढी, लेकिन उष्माघात के मरीजों के लिए अस्पताल में अलग से कक्ष स्थापित नहीं किया गया और ना ही कूलर और एसी दिखाई दिए.

* मोर्शी में दो बेड का उष्माघात कक्ष
मोर्शी के उपजिला अस्पताल में दो बेड का उष्माघात कक्ष स्थापित किया गया है. यहां एसी सहित सभी उष्माघात से संबंधित साहित्य मरीजों के लिए उपलब्ध है. उष्माघात की शंका आते ही स्वास्थ्य प्रशासन की ओर से नागरिकों को उपजिला अस्पताल के वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. प्रमोद पोतदार ने आवाहन किया कि, वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें.

* अचलपुर उपजिला अस्पताल में पांच बेड का उष्माघात कक्ष
अचलपुर तहसील में पिछले कुछ दिनों से तापमान 43 डिग्री सेल्सीअस पर पहुंचने की वजह से नागरिकों को परेशानी हो रही है. अचलपुर-परतवाडा परिसर यह एक बडा बाजारपेठ है. रोजाना यहां तीन से चार तहसील से नागरिक बडी संख्या में खरीदी-विक्री व अन्य व्यवहार के लिए यहां आते है. बढती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने उपजिला अस्पताल में पांच बेड के उष्माघात कक्ष का निर्माण किया है और सभी व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है.

* उपजिला अस्पताल में अब तक उष्माघात का एक भी मरीज नहीं
अचलपुर-परतवाडा जुडवां शहर का तापमान 43 डिग्री सेल्सीअस से अधिक हुआ है. फिर भी उपजिला अस्पताल में अब तक एक भी उष्माघात का मरीज दाखिल नहीं हुआ है. आगामी समय में उष्माघात के खतरे को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में सभी प्रकार की आवश्यक व्यवस्था पूर्ण की गई है.
– डॉ. सुरेश ढोले
एमएस, उपजिला अस्पताल.

* उष्माघात के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था
बढते तापमान की वजह से नागरिकों को उष्माघात (सनस्ट्रोक) की परेशानी हो सकती है. जिसे देखते हुए अचलपुर उपजिला अस्पताल में विशेष व्यवस्था की गई है. उष्माघात के मरीजों का तत्काल इलाज हो, इसके लिए अस्पताल में एक अलग विशेष कक्ष तैयार किया गया है. इस कक्ष में पांच बेड आरक्षित है. मरीजों को उष्णता से राहत दिलाने कूलर की भी व्यवस्था की गई है.

Back to top button