रतन इंडिया पावर प्रोजेक्ट फिर विवादों में
ओवरलोडेड राख परिवहन पर उठे सवाल

* आरटीओ की भूमिका पर भी सवाल
* ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने की सख्त कार्रवाई की मांग
नांदगांव पेठ/दि.22- स्थानीय एमआईडीसी स्थित रतन इंडिया पॉवर प्रोजेक्ट एक बार फिर विवादों में आ गया है. प्लाय ऐश ट्रांसपोर्ट यूनियन ने कंपनी पर राख (फ्लाय ऐश) परिवहन में ओवरलोडिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है. इस संबंध में अमरावती के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में लिखित शिकायत दर्ज कर मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 199 के तहत कंपनी प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की गई है.
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, राख ढोने वाली गाड़ियों में क्षमता से अधिक माल भरा जा रहा है. इससे वाहन चालकों पर कार्रवाई का खतरा बढ़ रहा है, वहीं सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी गहरा गई है. शिकायत में कहा गया है कि आरटीओ कार्यालय ने पहले भी पत्र क्रमांक 3409, दिनांक 08 अक्टूबर 2024 के माध्यम से कंपनी को नोटिस जारी कर ओवरलोडिंग नहीं करने के निर्देश दिए थे. साथ ही नियमों के उल्लंघन पर मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 199 के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी. इसके बावजूद आरोप है कि कंपनी द्वारा अब भी नियमों की अनदेखी करते हुए ओवरलोडेड राख का परिवहन जारी रखा गया है. ट्रांसपोर्ट यूनियन का कहना है कि कंपनी परिसर में वजन मापने की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद वाहनों का नियमानुसार वजन नहीं किया जा रहा और ओवरलोड गाड़ियों को बाहर भेजा जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर वाहन मालिकों, ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी बलवीर चव्हाण, राजू चिराडे, अभिषेक गवांडे, सतीश तायडे और उमेश डोईफोडे समेत सैकड़ों सदस्यों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि ओवरलोडेड वाहनों के कारण सड़कों को नुकसान पहुंच रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में अब क्षेत्र में रीजनल ट्रांसपोर्ट विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं.
* ओवरलोडेड राख परिवहन के पीछे ‘मालिडा’ की चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि अधिक मुनाफे के लिए नियमों को दरकिनार कर ओवरलोडिंग की जा रही है. ट्रांसपोर्ट क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि ड्राइवरों और आम नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोडेड राख परिवहन पर तत्काल रोक लगाकर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.





