‘कोणार्क’ की मनमानी के सामने अमरावती मनपा हतबल
धूल खाते पडे है 200 कंटेनर, नियमों व शर्तों का खुला उल्लंघन

* मनपा प्रशासन की रहस्यमय चुप्पी, स्वच्छता समिति की रिपोर्ट थंडे बस्ते में
अमरावती/दि.22– जनता के गाढे पसीने की कमाई से मनपा की तिजोरी में पहुंचनेवाले पैसों की किस तरह से बर्बादी होती है, इसका एक सनसनीखेज उदाहरण एकबार फिर सामने आया हैं. बता दें कि जिला नियोजन समिति से मिली दो करोड रुपयों की निधि से खरीदे गए 200 कंटेनर को आज तक प्रयोग में नहीं लाया गया. बल्की वे कंटेनर सडक किनारे धुल खाते पडे हैं, वहीं इन कंटेनरों को प्रयोग में लाने की बजाय कोणार्क कंपनी ने उन्हें उलटा करके रखा है. इसके अलावा कचरा उठाने का ठेका प्राप्त कोणार्क कंपनी ने अब भी इन कंटेनरो की ढुलाई के लिए आवश्यक रहनेवाले ‘डंपर प्लेसर’ को नहीं खरीदा हैं. ठेका करार के नियमों व शर्तों का खुले तौर पर उल्लंघन होता रहने के बावजूद कोणार्क कंपनी की मनमानी के सामने मनपा प्रशासन हतबल नजर आ रहा है और इस पूरे मामले को लेकर मनपा प्रशासन की बेहद रहस्यमय चुप्पी पर आश्चर्य जताया जा रहा हैं.
बता दें कि सफाई ठेका मिलने के बाद अगले 90 दिनों में वाहन खरीदने की शर्त का उल्लंघन करनेवाली कोणार्क कंपनी पर अमरावती मनपा प्रशासन पूरी तरह से मेहरबान दिखाई दे रहा हैं. जिसके चलते डीपीसी की निधि से खरीदे गए 200 कंटेनर इस समय सडकों की शोभा बढा रहे हैं और शहर में जगह-जगह पर कचरे व गंदगी के ढेर की समस्याएं कायम हैं. वहीं दूसरी ओर आमसभा में हुए हंगामे के बाद तैयार हुई स्वच्छता समिति की रिपोर्ट को एक तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. जिसके पिछे किसका हाथ है इसे लेकर जबरदस्त चर्चाएं चल रही हैं.
* 90 दिन का नियम हुआ हवा हवाई
अमरावती महानगर पालिका एवं कोणार्क कंपनी के बीच हुए करारनामे के अनुसार कोणार्क कंपनी को ठेका मिलने के बाद अगले 90 दिनो के भीतर प्रकल्प हेतु आवश्यक सभी तरह के वाहन तथा साहित्य व सामग्री खरीदना अनिवार्य व बंधनकारक था. लेकिन 90 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोणार्क कंपनी ने डंपर प्लेसर नहीं खरीदे हैं.
– जनता की गाढी मेहनत की कमाई के पैसों से कंटेनर खरीदने पर खर्च किया गया. लेकिन उन कंटेनरों का कोई प्रयोग नहीं किया जा रहा. जिसके बारे में मनपा के स्वच्छता विभाग के पास कोई जवाब नहीं हैं.
– मनपा प्रशासन द्बारा इस मामले में की जा रही अनदेखी को संदेहास्पद माना जा रहा है, साथ ही नागरिकों द्बारा आरोप लगाया जा रहा है कि मनपा प्रशासन का अमरावती की आम जनता की समस्याओं व दिक्कतो के साथ मानो कोई लेना-देना नहीं हैं.
* वाहनों की जांच कौन करेगा
मनपा क्षेत्र में कचरा संकलन व कचरा ढुलाई का ठेका प्राप्त रहनेवाली कोणार्क कंपनी द्बारा प्रयोग में लाए जा रहे वाहनों के इंशुरन्स व फिटनेस को जांचने की फुरसत मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों तथा स्वास्थ्य अधिकारी के पास नहीं हैं, ऐसे में सवाल पूछा जा रहा है कि आखीर इन वाहनों की जांच पडताल कौन करेगा.
* स्वच्छता समिति की रिपोर्ट का आगे क्या होगा
बता दें कि विगत फरवरी माह के दौरान आमसभा में साफ-सफाई को लेकर हुए जबरदस्त हंगामें के बाद महापौर ने विशेष जांच समिति गठित की थी और एक माह बाद समिति ने आमसभा के समक्ष अपने रिपोर्ट भी प्रस्तुत की थी. लेकिन इसे लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. ऐसे में संदेह जताया जा रहा है कि कहीं अमरावती महानगरपालिका में इस रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में तो नहीं डाल दिया.
* कंटेनरो को कबाड में नहीं निकाला गया है, बल्कि नए ठेकेदार के पास डंपर प्लेसर नहीं रहने के चलते कंटेनरो के प्रयोग में दिक्कत आ रही है. लेकिन इसका जल्द ही समाधान निकाला जाएगा.
– शिल्पा नाईक,
अतिरिक्त आयुक्त,
अमरावती मनपा.





