मासोद की ई-क्लास जमीन ट्रांसफर करने का ग्रामीणों का विरोध

मांगें नहीं मानी तो 6 जून से तीन दिन का अन्नत्याग आंदोलन

अमरावती/दि.22 – अमरावती जिले के मासोद गांव में ई-क्लास जमीन को किसी अन्य विभाग या निजी लोगों को हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है. गांववासियों ने मुख्यमंत्री सहित जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि यह जमीन केवल गांव के विकास और ग्रामीणों की जरूरतों के लिए आरक्षित रखी जाए. ग्रामीणों की ओर से किसान गिरीश हरिश्चंद्र चौधरी ने मुख्यमंत्री, सांसद बलवंतराव वानखड़े, पूर्व पालकमंत्री यशोमती ठाकुर, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त तथा अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में कहा गया है कि मौजा मासोद, तहसील व जिला अमरावती स्थित सर्वे नंबर 262 और 263 की करीब 12.29 हेक्टेयर ई-क्लास जमीन गांव के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में घर निर्माण, स्वास्थ्य केंद्र, महिला उद्योग, वृक्षारोपण, पानी की सुविधा तथा अन्य विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है. ऐसे में ई-क्लास जमीन ही गांव के विकास का एकमात्र आधार बची है.
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस जमीन को वन विभाग या किसी अन्य विभाग को हस्तांतरित न किया जाए और न ही किसी बाहरी व्यापारी अथवा निजी व्यक्ति को दिया जाए. उनका कहना है कि यह जमीन केवल गांववासियों और भविष्य की ग्राम विकास योजनाओं के लिए सुरक्षित रखी जाए. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि 15 जनवरी 2025, 28 जनवरी 2025 और 1 मई 2026 को किए गए आंदोलनों के दौरान उठाई गई मांगों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है. यदि प्रशासन ने मांगें नहीं मानीं, तो 6 जून 2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस पर ग्रामीण तीन दिवसीय अन्नत्याग आंदोलन करेंगे. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर गांव के हित में निर्णय लेने की मांग की है.

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