हर दिन 70 हजार लीटर खाद्य तेल की खपत

क्या 10 प्रतिशत कम होगा इस्तेमाल?

अमरावती/दि.22- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से खाद्य तेल के उपयोग में 10 प्रतिशत कमी लाने की अपील का स्थानीय बाजार में फिलहाल सीमित असर दिखाई दे रहा है. हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस अपील को लोगों की सेहत के लिए फायदेमंद बता रहे हैं और कम तेल वाले भोजन को अपनाने की सलाह दे रहे हैं. प्रधानमंत्री ने नागरिकों से रोजमर्रा के भोजन में तेल का उपयोग कम करने तथा ईंधन की बचत करने की अपील की है. उनका कहना है कि इससे एक ओर लोगों की सेहत सुधरेगी, वहीं दूसरी ओर देश की विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी.
स्थानीय किराना व्यापारियों के अनुसार फिलहाल बाजार में इस अपील का खरीदारी पर कोई बड़ा असर नहीं दिखा है. अमरावती जिले में सोयाबीन और सूरजमुखी तेल की मांग सबसे अधिक बनी हुई है, जबकि कुसुम, मूंगफली और पाम तेल की बिक्री अपेक्षाकृत कम है. व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक अब खुले तेल की तुलना में पैकिंग वाले तेल को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं. स्थानीय व्यापारी अजय मुंधड़ा ने बताया कि त्योहारों के समय तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिलती है. पिछले चार महीनों में खाद्य तेलों के दाम करीब पांच प्रतिशत तक बढ़े हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट प्रभावित हुआ है.
* स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
डाइटीशियन डॉ. अशोक भैया ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए एक व्यक्ति को सीमित मात्रा में ही तेल का सेवन करना चाहिए. उन्होंने तले हुए खाद्य पदार्थों की जगह उबले और भुने हुए भोजन को आहार में शामिल करने की सलाह दी. उनके अनुसार प्रधानमंत्री की 10 प्रतिशत तेल कम उपयोग करने की अपील स्वास्थ्य की दृष्टि से सही कदम है. वहीं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आकाश येंडे ने बताया कि अधिक तेल वाले भोजन से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ती जंक फूड संस्कृति भी हृदय रोगों का बड़ा कारण बन रही है.
* परिवारों पर बढ़ता असर
जानकारों के अनुसार पांच सदस्यों वाले मध्यमवर्गीय परिवार को हर महीने औसतन 4 से 5 किलो खाद्य तेल की आवश्यकता होती है. तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर सीधे गृहिणियों के मासिक बजट पर पड़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नागरिक तेल और ईंधन की खपत कम करने की आदत अपनाते हैं, तो इससे आर्थिक बचत के साथ स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

* खाद्य तेलों के मौजूदा दाम (प्रति लीटर)
तेल का प्रकार           फरवरी            मई
सोयाबीन तेल              145            160
मूंगफली तेल               210            220
पाम तेल                    120             130
सूरजमुखी तेल             170            185

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