शिवसेना ने उतारी देवेंद्र फडणवीस की महाआरती
अघोषित लोडशेडिंग के खिलाफ उबाठा का आंदोलन

* पूर्व नगरसेवक प्रदीप बाजड, जिला प्रमुख पराग गुडधे ने अधीक्षक अभियंता को घेरा भी
* 45 डिग्री तापमान में विद्युत भवन पर धमके शिवसैनिक, जमकर लहराएं केसरिया दुपट्टे
अमरावती/दि.26- शिवसेना उबाठा ने आज भरी दोपहर कैम्प गर्ल्स हाईस्कूल चौक के पास स्थित विद्युत भवन पर अचानक महाआरती उतारो आंदोलन किया. जिला प्रमुख पराग गुडधे और पूर्व नगरसेवक प्रदीप बाजड ने आंदोलन का नेतृत्व कर विदर्भ के ही बिजली मंत्री होने और यहां बिजली का भरपूर उत्पादन होने के बावजूद अमरावती जैसे विभाग मुख्यालय शहर में दो-दो, चार-चार घंटे की अघोषित लोडशेडिंग के विरोध में जोरदार आंदोलन किया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का शानदार छायाचित्र की पूजा की गई. फूल चढाए गए और फिर आरती उतारी गई. प्रसाद भी अर्पित किया गया.
शिवसेना उबाठा ने अधीक्षक अभियंता को निवेदन देकर लोडशेडिंग से मुक्ति दिलाने की अपील की. शीघ्र अमरावती के विभिन्न भागों को लोडशेडिंग से राहत न मिलने पर और तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई. इस समय शिवसैनिकों के साथ ही बडी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही. उनमें सुधाकर पेठकर, अपूर्व कोरेकर, आशीष विधाते, प्रमोद देशमुख, दिलीप काकडे, विनोद मंडलकर, सतीश क्षीरसागर, वैशाली विधाते, वामदेव हांडे, प्रशांत निराले, राजेंद्र दारोकार, अजय बोबडे, सुधाकर ढेंगरे, गजानन कल्याणकर, राहुल ढोके, अभिषेक बाजड, बंडू धामणे, प्रकाश मंजलवार, रविकांत काकडे, सागर ढोके, जयश्री कुर्हेकर, राजू मानकर, प्राचार्य बालकृष्ण अढाऊ, रवींद्र सावरकर, मनोज कडू, नरेंद्र शुक्ला, बालासाहब राणे, डॉ. चंद्रशेखर गिरी, प्रतिभा बोपशेट्टी, राजेंद्र व्यवहारे, शेखर घिमे, पंजाबराव तायवाडे, नितिन तारेकर सहित अनेकानेक की जोशपूर्ण उपस्थिति रही. आसमान से बरसती आग के बावजूद विद्युत भवन के सामने जमकर नारे लगाते हुए भगवा दुपट्टे लहराए गए और सीएम फडणवीस की आरती उतारी गई.
* स्मार्ट मीटर और लाइन कट
शिवसेना उबाठा ने आरोप लगाया कि, महावितरण बिजली कंपनी के अधिकारी और कर्मी स्मार्ट मीटर लगाने में तत्परता दिखाते हैैं. किंतु जब बिजली समस्या की बारी आती है, सुनवाई नहीं होती. कर्मचारी तत्पर नहीं आते. उसी प्रकार बिजली बिल भुगतान में देरी होते ही कनेक्शन काट दिया जाता है. कंपनी खुद कनेक्शन कट करती है और कनेक्शन जोडने के भी जीएसटी सहित चार्जेस लेती है. यह सरासर विदर्भवासियों के साथ अन्याय है. बिजली का सर्वाधिक उत्पादन विदर्भ में ही हो रहा है. विदर्भ के लोग ही बिजली के लिए 45-46 डिग्री पारे में तरस रहे हैं, झुलस रहे हैं.





