धारणी सिंचन तालाब स्थानीय मत्स्य सहकारी संस्थाओं को दें

जय जलदेव मत्स्य उत्पादक सहकारी संस्था की मांग

* जिप सीईओ सत्यम गांधी को सौंपा निवेदन
अमरावती/दि.26– मेलघाट क्षेत्र के जिप लघु सिंचन उपविभाग धारणी अंतर्गत ग्राप की सीमा में आनेवाले सिंचन तालाब शासन निर्णयानुसार मत्स्य व्यवसायिक सहकारी संस्थाओं को दिए जाए, ऐसी मांग जय जलदेव मत्स्य उत्पादक सहकारी संस्था व दिया मच्छी सहकारी व्यवसायिक संस्था की ओर से की गई है. जिसमें इस आशय का निवेदन जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी को सौंपा गया.
निवेदन में कहा गया है कि महाराष्ट्र सहकारी संस्थान अधिनियम 1960 अंतर्गत कार्यरत मत्स्य सहकारी संस्था यह मच्छीमार विमुक्त जाति-जन जाति व आदिवासी बंधुओं को मतस्य व्यवसाय द्बारा रोजगार उपलब्ध कराकर देने का कार्य करती है. बाजार में मत्स्य उत्पादन को बढावा देने का संस्था का मुख्य उद्देश्य है. ग्राम विकास व जल संधारण विभाग के शासन निर्णयानुसार अनुसूचित उप क्षेत्र के 100 हेक्टर की अपेक्षा कम क्षेत्रवाले तालाब संबंधित ग्राम पंचायतों को दिए गये हैं. तालाब का विकास , मत्स्य संवर्धन और स्थानीय रोजगार निर्मिति के उद्देश्य से तालाब ठेका पध्दति से निश्चित किए गये है. फिर भी पिछले 10 वर्षो से अनेक ग्राम पंचायतों द्बारा शासन के इस निर्णय पर अमल नहीं किया गया है. जिसके चलते स्थानीय मत्स्य सहकारी संस्थाओं को बेरोजगारी का सामना करना पड रह है और आदिवासी व मच्छीमार रोजगार से वंचित है.
ग्राम विकास व जलसंधारण विभाग का शासन निर्णय 2 अगस्त 2014 तथा कृषि, पशुसंवर्धन, दुग्ध व्यवसाय विकास व मत्स्य व्यवसाय विभाग के 5 दिसंबर 2023 के शुध्दिपत्रक के अनुसार तालाब का ठेका निलामी पध्दति से दिया जाए, ऐसी मांग निवेदन द्बारा की गई और कहा गया कि इसकी वजह से स्थानीय स्तर पर रोजगार की निर्मिति होकर मेलघाट के मत्स्य व्यवसाय को बढावा मिलेगा. ऐसा विश्वास सौंपे गये निवेदन मेें व्यक्त किया गया. निवेदन सौंपते समय मनोज मोरसे सहित संस्थाध्यक्ष शुभम भामदारे, तज्ञ संचालक मनोहर भामदार, सचिव अनिकेत नायडे तथा दिया मच्छी सहकारी व्यवसायिक संस्था अध्यक्ष दिनेश मोर्से, संचालक मंडल सदस्य धर्मेन्द्र मोर्से, शिवप्रसाद भामदारे, पूनम जगताप, दुर्गेश जगताप, दीपक जगताप, सुभाष मोरसे, बालाजी भिलावेकर, हीरालाल सुतारकर, सज्जु मोरसे सहित मच्छीमार विमुक्त जाति-जन जाति व आदिवासी बंधु उपस्थित थे.

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