प्रसूति के बाद सीजर की जगह भी ओपन कर गर्भाषय की थैली निकाली, नवप्रसूता की मौत

अमरावती/दि.26– प्रसुति की पीडा को सहन करते हुए एक प्यारे से बच्चे को जन्म देनेवाली नवप्रसुता महिला की मौत डॉक्टर की कथित लापरवाही के चलते होने की बात जिला शल्यचिकित्सक की रिपोर्ट में कहीं गई हैं. जिसके आधार पर राजापेठ पुलिस ने 23 मई को अचलपुर उपजिला अस्पताल के वैद्यकिय अधिकारी डॉ. मंगला राठी (परतवाडा निवासी) के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया है.
जानकारी के मुताबिक सुमैया बानो नामक महिला को प्रसुति हेतु 19 फरवरी 2025 को अचलपुर के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां पर उसने एक प्यारे से बच्चे को जन्म दिया था. खास बात यह रही की सुमैया बानो की प्रसुति सिझेरियन के जरिए हुई थी. लेकिन दो दिन का समय बितने के बाद सुमैया की तबियत बिगडनी शुरू हो गई और उसे पेट में तेज दर्द होने लगा. जिसके बाद बताया गया कि सुमैया के शरीर में खुन की काफी कमी हो गई हैं और उसके पेट में इंफेक्शन हो गया है. जिसके चलते उसके पेट से खराब हो चुके खून को बाहर निकालना पडेगा. इसके उपरांत सुमैया को एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया. जहां पर 22 फरवरी को डॉक्टरों ने पहले सीजर की गई जगह को दूबारा ऑपरेशन करते हुए खोला और दूसरी शल्यक्रिया के जरिए गर्भाशय की थैली सहित सुमैया के पेट से तीन लीटर खून निकाला गया. लेकिन सुमैया के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ और 22 फरवरी की रात सुमैया की मौत हो गई.
सुमैया की मौत के बाद उसके परिजनों ने तीव्र संताप व्यक्त करते हुए जांच की मांग की साथ ही सुमैया के भाई मो इरफान (32, मार्कंडा) ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई. वहीं दूसरी ओर जिला शल्य चिकित्सक द्बारा जांच समिति गठित की गई थी और समिति ने अपनी रिपोर्ट में डॉ. मंगला राठी पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. जिसके चलते मो इरफान ने राजापेठ पुलिस थाने पहुंचकर अपनी बहन सुमैया बानो की मौत के लिए डॉ. मंगला राठी को जिम्मेदार बताते हुए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई.





