वाहन चालकों के मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही ईंधन

वाशिम में अनोखी राशनिंग

* पर्याप्त स्टॉक होने का दावा, कृत्रिम कमी और जमाखोरी
अकोला/दि.25 – वाशिम जिले में ईंधन की बड़ी समस्या पैदा हो गई है और पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं. हालांकि पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन कृत्रिम कमी और जमाखोरी से परेशान है. जरूरतमंद और वास्तविक ग्राहकों को ईंधन मिलने में कठिनाई हो रही है. इस स्थिति को देखते हुए, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. पेट्रोल पंप चालकों और मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे पेट्रोल और डीजल बेचते समय संबंधित ग्राहक के वाहन चालक होने की पुष्टि मूल दस्तावेजों के आधार पर करने के बाद ही ईंधन बेचें.
8 लाख 42 हजार लीटर ईंधन स्टॉक विभिन्न तेल कंपनियों से जिले को कुल 8 लाख 42 हजार लीटर ईंधन का स्टॉक प्राप्त हुआ है. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से 65 हजार लीटर पेट्रोल और 2 लाख 93 हजार लीटर डीजल, भारत पेट्रोलियम से 63 हजार लीटर पेट्रोल और 1 लाख 83 हजार लीटर डीजल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम से 43 हजार 500 लीटर पेट्रोल और 1 लाख 35 हजार 500 लीटर डीजल प्राप्त हुआ है. साथ ही जियो कंपनी से 39 हजार लीटर डीजल और नायरा कंपनी से 10 हजार लीटर पेट्रोल और 10 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी जिले को प्रतिदिन ईंधन का स्टॉक प्राप्त होता रहेगा.
आवक, बिक्री और शेष स्टॉक के रिकॉर्ड अद्यतन रखना अनिवार्य प्रत्येक पेट्रोल पंप पर पेट्रोलियम पदार्थों की आवक, बिक्री और शेष स्टॉक के रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखना अनिवार्य कर दिया गया है. साथ ही उपलब्ध पेट्रोल-डीजल का शेष स्टॉक, उस दिन प्राप्त तेल का स्टॉक और मांग किए गए स्टॉक की जानकारी दर्शनी क्षेत्र में बोर्ड पर प्रतिदिन प्रदर्शित करनी होगी. एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन आपूर्ति करने के आदेश दिए गए हैं.

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