चार घंटे की कडी मशक्कत के बाद तेंदुआ आया पकड में

पहली बार शहर की किसी घनी बस्ती में घूसा तेंदुआ

* कल दोपहर से शाम तक रामपुरी कैम्प परिसर में मचा रहा हडकंप
* तेंदुए के शावक ने चार घंटे तक वन विभाग की टीम को जमकर छकाया
* तेज धूप व 7 माह की उम्र के चलते रेस्क्यू टीम ने बेहोशी के इंजेक्शन का नहीं किया प्रयोग
* जाल बिछाकर तेंदुए के शावक को लिया गया काबू में, जंगल में ले जाकर छोडा गया
अमरावती/दि.27 – गत रोज दोपहर 3 बजे के आसपास स्थानीय रामपुरी कैम्प परिसर में उस समय सनसनी मच गई थी, जब परिसर में एक तेंदुआ घुमता दिखाई देने की खबर सामने आई. पहले तो इस खबर पर किसी ने सहज तरीके से विश्वास नहीं किया और जब काफी देर की खोजबीन के बाद तेंदुए का कही कोई पता नहीं चला, तो लगभग हर कोई इस निष्कर्ष पर पहुंच गया था कि देखनेवाले को जो जानवर दिखाई दिया था, वह तेंदुए के अलावा कोई अन्य जानवर रहा होगा. जिसके चलते वन विभाग की टीम भी वापिस लौटने की मानसीकता बना चुकी थी. लेकिन तभी अचानक परिसर में तेंदुए का एक शावक दिखाई पडा. जिसके बाद असली हडकंप और होहल्ला मचना शुरू हुआ. इस समय तेंदुए को देखते ही वन विभाग के दल ने अनुमान लगाया कि वह तेंदुए का शवक है, जिसकी उम्र 7 माह के आसपास है, ऐसे में कल दिन भर के दौरान रहनेवाली तेज धूप व भीषण गर्मी वाले वातावरण सहित तेंदुए के शावक की कम उम्र को देखते हुए वन विभाग की टीम ने ‘ट्रैंक्यूलाईजर गन’ यानी बेहोशी की दवा वाले इंजेक्शन का प्रयोग नहीं करने का निर्णय लिया. बल्कि परिसर में जगह-जगह पर जाल बिछाते हुए तेंदुए के शावक को बडी चतुराई के साथ जाल में फांसा गया. जिसके बाद हर किसी ने राहत की सांस ली. इस दौरान जहां एक ओर पूरे शहर में तेंदूए को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर भी रामपुरी कैम्प वाले तेंदुए के फोटो व वीडियो जमकर वायरल होते रहे.
बता दें कि रामपुरी कैम्प परिसर में प्रिंस बार के पास महापौर श्रीचंद तेजवानी की मिल्कीयतवाली एक इमारत है. जिसमें उनके भाई अनिल तेजवानी का गोदाम है. जब वह दोपहर 3 बजे के आस पास जब अनिल तेजवानी के बेटे सूरज तेजवानी किसी काम के चलते गोदाम में गए तो उन्हें गोदाम के एक कोने में तेंदुआ बैठा दिखाई दिया. जिसे देखते ही सूरज तेजवानी ने गोदाम के बाहर निकलकर गोदाम का शटर नीचे गिरा दिया और फिर मदद के लिए चिखपूकार मचाने के साथ ही गाडगे नगर पुलिस को इस बारे में इत्तिला दी. जिसके बाद गाडगे नगर पुलिस सहित वन विभाग का दल तुरंत मौके पर पहुंचे तथा तेंदुए की खोजबीन करनी शुरू की. तब तक गोदाम के आसपास सैंकडो लोगों की भीड इकट्ठा हो गई थी. भीड में शामिल हर एक व्यक्ति के मन में तेंदुए को देखने के कौतुहल के साथ-साथ तेंदुए को लेकर काफी हद तक डर भी था. वही तेंदुए के पकडे जाते ही भीड में शामिल प्रत्येक व्यक्ति ने राहत की सांस ली.
* जमकर उछलकुद मचाई तेंदुए के शावक ने
खास बात यह रही कि सूचना मिलने के बाद जब गाडगे नगर पुलिस सहित वन विभाग के पथक ने रामपुरी कैम्प परिसर में पहुंचकर तेंदुए की खोजबीन करनी शुरू की, तब तक उक्त तेंदुआ तेजवानी के गोदाम से गायब हो चुका था. ऐसे में उसके छीपे होने के संभावित स्थानों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग के दल ने आसपास की सर्विस गलियों सहित पास ही में स्थित रामपुरी कैम्प बगिचे की झाडियों में भी तेंदुए की खोजबीन की. लेकिन उसका वहां पर कहीं कोई अता-पता नहीं चला. जिसके चलते यह लगभग मान लिया गया था, कि संभवत: उस इलाके में कोई तेंदुआ नहीं हैं तथा सुरज तेजवानी ने शायद किसी ओर जानवर को हडबडी में आकर तेंदुआ समझ लिया था.
लेकिन तभी कुछ लोगों को उक्त तेंदुआ पास ही में रहनेवाली पार्षद स्नेहा लुल्ला के घर के बाहर रखे कुलर पर बैठा दिखाई दिया. जिसे देखते ही पूरे परिसर में अच्छा खासा हडकंप मंच गया और उस तेंदुए को पकडने की कोशिशे तेज हो गई. इस समय परिसर में हो रहे शोर गुल व हंगामे को देखते व सुनते हुए तेंदुए का शावक भी काफी हद तक हडबडा गया था और फिर इधर से उधर भागने लगा. जिसके चलते उसे पकडकर काबू करने में काफी दिक्कते भी आई.
* देशी दारू की दुकान से पकडा गया तेंदुए का शावक
परिसर में हो रहे शोर-गुल से हडबडाया तेंदुए का शावक खुद को बचाने के चक्कर में हडबडाकर इधर से उधर भागते हुए अचानक ही परिसर में स्थित देशी दारू की दूकान में घुसा, वैसे ही रेस्क्यू टीम ने उक्त दारू की दुकान को चारो ओर से घेरते हुए उसके सभी दरवाजे व खिडकी पर रस्सी से बनी हुई मजबुत जालिया लगा दी. जिसके बाद तेंदुए को देशी दारू की दुकान से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया और जैसे ही वह तेंदुआ देशी दारू की दूकान से बाहर निकला वैसे ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने उसे जाल में फांसते हुए अपने काबू में कर लिया. जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली.
* चार घंटे तक परिसर में मचा रहा जबरदस्त हडकंप
– हर किसी में दिखा कौतुहल मिश्रीत भय
खास बात यह रही कि कल दोपहर जैसे ही रामपुरी कैम्प परिसर में एक व्यक्ति को तेंदुआ दिखाई देने की खबर सामने आई, तो उस खबर पर किसी ने भी सहसा विश्वास नहीं किया. लेकिन इसके बावजूद हर किसी मे तेंदुए के लेकर काफी हद तक कौतुहल दिखाई दिया. जिसके चलते देखते ही देखते इस परिसर में लोगों की अच्छी खासी भीड इकट्ठा हो गई. जिनमें कौतुहल के साथ-साथ तेंदुए को लेकर काफी हद तक डर वाला माहौल भी था.
* चार घंटे तक चलता रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
विशेष उल्लेखनीय है कि कल दोपहर तीन बजे के आसपास रामपुरी कैम्प परिसर में तेंदुआ दिखाई देने की खबर पहली बार सामने आई थी. इसके बाद तेंदुए को ढूढने और पकडने हेतु शुरू किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 4 घंटे तक चलता रहा और चार घंटे की कडी मशक्कत के बाद उक्त तेंदुआ वन विभाग की पकड में आया. जिसके पश्चात वन विभाग ने उक्त तेंदुए को बडी सावधानी के साथ अपने कब्जे में लेते हुए उसे जंगल परिसर में लेजाकर छोडा, ताकि वह अपने प्राकृतिक अधिवास में रह सके.
* पहली बार किसी घनी बस्ती में घुसा तेंदुआ
यहा यह विशेष उल्लेखनीय है कि इससे पहले शहर के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई बार तेंदुआ दिखाई देने की घटनाएं घटित हो चुकी है. क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्रों के आसपास जंगल परिसर स्थित है. जहां पर रहनेवाले तेंदुए अक्स ही शिकार और पानी की तलाश करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित रिहायशी इलाकों की ओर चले आते है. लेकिन यह पहली बार है जब चारों ओर से रिहायशी इलाके रहनेवाले रामपुरी कैम्प जैसी घनी बस्ती वाले क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई दिया और पकडा गया. जिसे लेकर आश्चर्य जताया जा रहा है. चूंकि रामपुरी कैम्प परिसर के आसपास कोई जंगल परिसर भी नहीं है. ऐसे में हर कोई जानना चाह रहा है कि आखिर उक्त तेंदुआ इस घनी बस्तीवाले इलाके में कैसे पहुंचा.
* महापौर तेजवानी सहित अन्य कई जनप्रतिनिधि भी पहुंचे
गत रोज रामपुरी कैम्प परिसर में तेंदुआ दिखाई देने की खबर मिलते ही महापौर श्रीचंद तेजवानी सहित मनपा के सभागृह नेता चेतन गावंडे, पार्षद मनीष बजाज, पूर्व पार्षद भूषण बनसोड तथा मनपा के पशुशल्य चिकित्सक डॉ. सचिन बोंद्रे भी रामपुरी कैम्प परिसर पहुंचे और उन्होेंने रेस्क्यू ऑपरेशन में अपनी ओर से सहयोग देते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए.

Back to top button