अकोला के सार्थक ढोले की वैश्विक उड़ान!

अंतरराष्ट्रीय दर्शनशास्त्र ओलंपियाड में कांस्य पदक

* 2019 के बाद भारत को पहला पदक
अकोला /दि.27- अकोला के 17 वर्षीय सार्थक ढोले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है. पोलैंड के वारसा में आयोजित 34वें अंतरराष्ट्रीय दर्शनशास्त्र ओलंपियाड में सार्थक ने कांस्य पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है.
विशेष बात यह है कि 2019 के बाद पहली बार भारत को इस प्रतियोगिता में पदक मिला है. 57 देशों के 124 विद्यार्थियों के बीच हुई इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सार्थक ने दर्शनशास्त्र विषय पर निबंध के माध्यम से अपनी बुद्धिमत्ता साबित की है. ‘स्वतंत्रता और तर्क’ विषय पर उन्होंने प्रभावशाली प्रस्तुति दी. इससे पहले भी उन्होंने फिनलैंड, इटली और हंगरी में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. अकोला से वैश्विक स्तर तक पहुंचे सार्थक की इस सफलता पर महाराष्ट्र सहित पूरे देश से उन्हें बधाइयों की बारिश हो रही है.

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