परसों से आमरण अनशन करेंगे मनोज जरांगे
मराठा आरक्षण आंदोलक

* कर दिया ऐलान – फडणवीस होंगे जिम्मेदार
आंतरवाली सराटी/दि.28 – आंतरवाली में 30 मई को तेज धूप में बाजे पर बैठकर आमरण अनशन करने वाला हूं. ना पानी लूंगा ना कुछ, जो होगा सो होगा. अब अगर उष्माघात से मेरी जान गई तो उसके जिम्मेदार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही होंगे, ऐसा मराठा आंदोलनकर्ता मनोज जरांगे पाटील ने कहा है. अब होने वाला अनशन बहुत कड़ा होगा. दर्द की कोई परवाह मैं नहीं करूंगा. या तो सरकार का टुकड़ा गिरेगा या मेरी जान का टुकड़ा गिरेगा, इस भूमिका पर मैं आ चुका हूं.
मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि हमने सरकार को जरूरत से ज्यादा समय दिया है. 29 मई को 10 महीने पूरे हो रहे हैं. इससे ज्यादा सरकार को कितना समय देना है, गरीब मराठा समाज के बच्चों पर ही अन्याय क्यों किया जाता है? ऐसा सवाल मनोज जरांगे पाटील ने किया है. अगर हमारे समाज को कुछ नहीं मिलने वाला है तो कठोर कदम उठाने पड़ेंगे.
मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि मुझे प्रसाद लाड को दोष नहीं देना है. उन्होंने कहा कि मैं मराठा हूं. लेकिन अब उनकी आंखें खुल गई होंगी कि उनके देवेंद्र फडणवीस कितने कलाकार हैं और इसलिए हम उन्हें बोलते हैं. मैं बेवजह किसी को नहीं बोलता. उन्होंने हमारी माताओं-बहनों को मारा इसलिए हम उन्हें बोलते हैं. देवेंद्र फडणवीस के मन में मराठा समाज के प्रति द्वेष भरा हुआ है. वे मराठा समाज पर अन्याय करना चाहते हैं.
मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि कई लोगों के फोन आए लेकिन मैं फोन पर चर्चा नहीं करूंगा. मैं अपने समाज के लिए काम कर रहा हूं. इतनी क्रूर सरकार कभी नहीं आई होगी. पश्चिम महाराष्ट्र का मराठा समाज संपन्न है इसलिए उन्हें आरक्षण नहीं दिया जा सकता, ऐसा सरकार कहती है. मराठवाड़ा में पानी नहीं और आरक्षण नहीं. अगर तुम्हें टकराना है तो अब हम टकराएंगे ही. अजित पवार और एकनाथ शिंदे के मंत्री हमारे पास आते हैं इसलिए उन्हें टार्गेट किया जाता है. मुख्यमंत्री आरोग्य सहायता निधि नहीं मिलती. मराठों के पास कोई मंत्री नहीं जाना चाहिए, यही उनकी भूमिका है.
मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि अब जो होगा सो होगा, मैं अपने शरीर की परवाह नहीं करूंगा. अपने समाज के लिए सब कुछ करने की मेरी तैयारी है. समाज बांधव आंतरवाली की ओर न आएं. सरकार को अगर मराठा समाज से माया होती तो उन्होंने आरक्षण दिया होता. सरकार केवल बोल रही है, समाज के लिए कुछ नहीं होने वाला. बिना मंडप लगाए हम यह अनशन करेंगे. मुझे केवल चर्चा नहीं चाहिए. बल्कि मेरे बांधवों को आरक्षण मिलने वाला है या नहीं? सरकार दोहरी भूमिका निभा रही है. पुलिस साजिश रचकर हम पर हमले करती है, उन पर केस दर्ज नहीं किए जाते और हम पर केस दर्ज किए गए हैं.





