ऑनलाइन मंगाए गए मिथेनॉल ने परिवारों को किया तबाह
पुणे-पिंपरी शराब कांड का चौंकाने वाला सच सामने

* मृतकों की संख्या 22 पहुंची
पुणे /दि.30- पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में हुए जहरीली शराब प्रकरण ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है. जहरीली शराब कांड में मृतकों का आंकड़ा और बढ़ गया है तथा अब कुल मृतकों की संख्या 22 पहुंच गई है. उरली कांचन के 32 वर्षीय रिक्शाचालक उमेश अवचर की उपचार के दौरान मौत हो गई. जानकारी सामने आई है कि दो दिन पहले उसने शराब का सेवन किया था. मृत्यु से पहले उमेश अवचर में दृष्टि कम होना, मतली, उच्च रक्तचाप की परेशानी और मुंह से झाग निकलना जैसे लक्षण दिखाई दिए थे. विशेष बात यह है कि आरोपी राधेश्याम प्रजापती जिस क्षेत्र में अवैध शराब तैयार कर रहा था, उसी क्षेत्र के शराब अड्डे से उमेश ने शराब खरीदी थी, यह जांच में सामने आया है. इससे स्पष्ट हो गया है कि जहरीली शराब का संकट अब पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के बाद उरली कांचन तक पहुंच गया है.
इस मामले की जांच के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. अधिक मुनाफा कमाने के लिए आरोपी योगेश वानखेडे ने शराब में मिथेनॉल नामक घातक रसायन मिलाया था, यह पुलिस जांच में उजागर हुआ है. उरळी कांचन क्षेत्र के राधेश्याम प्रजापती से योगेश वानखेडे 35 लीटर का एक कैन लगभग 1900 रुपये में खरीदता था. इसके बाद यह शराब पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के विभिन्न अवैध अड्डों पर लगभग 2700 रुपये प्रति कैन के दर से बेची जाती थी. लेकिन अधिक मुनाफा कमाने के लिए उसने ऑनलाइन मंगाया गया मिथेनॉल शराब में मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाई. इसी घातक मिश्रण के कारण अनेक नागरिकों की जान जाने की बात सामने आई है.
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच अपराध अन्वेषण विभाग को सौंप दी है. पुलिस और राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है. पुणे शहर, पुणे ग्रामीण और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्रों में फैली पूरी श्रृंखला की जांच जारी है तथा शराब बनाने वाले, आपूर्ति करने वाले और बिक्री करने वाले सभी संबंधित आरोपी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं. इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 4 आरोपियों को 8 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
इस दुर्घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है. पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने दापोडी पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक विजय वाघमारे को निलंबित कर दिया है. जांच दल के प्रमुख सहित 4 अन्य अधिकारियों पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है. साथ ही अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक नरेंद्र ठाकरे का नियंत्रण कक्ष में तबादला कर दिया गया है. दूसरी ओर पुणे शहर में हडपसर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक सिकलगर और पुलिस उपनिरीक्षक मुलानी को भी निलंबित किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा.





