मेलघाट में गवली समाज को मिला बच्चू कडू के रुप में पर्याय

भाजपा के साथ रहता आया है गवली समाज

* चिखलदरा से सटे मोथा में बडी सभा में जुटे समाजबंधु-भगिनी
चिखलदरा /दि.3- मेलघाट की समस्याओं को लेकर 250 किमी की पैदल यात्रा निकाल शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करनेवाले शिवसेना विधायक बच्चू कडू के नेतृत्व में मोथा ग्राम में बडी जनसभा ली गई. वादियों में बसे मेलघाट की खाली पीच पर बच्चू कडू जोरदार बैटिंग करने की तैयारी में नजर आए. उन्होंने आज भी मेलघाट के विभिन्न भागों, गांवों का दौरा किया.
मोथा की उनकी सभा में बडी संख्या में लोग मौजूद रहे. खासकर गवली समाज बडे उत्साह से सहभागी होने का चित्र रहा. महिलाएं भी बडी संख्या में आई थी. रात में चिखलदरा रुककर कडू ने सुबह आलाडोह, लवादा, शहापुर होते हुए सलोना में सभा ली. पास-पडोस के ग्रामों से भी लोग सभा में इकठ्ठा हुए थे. शिवसेना प्रत्येक गांव में शाखा खोलने जा रही है. जिससे सियासत के जानकार मान रहे हैं कि, बीजेपी के साथ रहनेवाला गवली समाज बडी संख्या में बच्चू कडू के नेतृत्व की ओर आकर्षित हो रहा है.
गवली समाज के इस रुख ने बीजेपी खेमे में चिंता बढा दी है. गवली समाज यहां प्रमुख भूमिका में रहता आया है. वह एकमुश्त भाजपा का साथ-समर्थन करता आया है. ऐसे में पर्याय के रुप में यदि वह शिवसेना को चुनता है, तो बीजेपी के लिए परेशानी खडी हो जाएगी. बच्चू कडू ने चिखलदरा में जनसंपर्क कार्यालय खोलकर एक तरीके से स्थानीय विधायक से स्पर्धा का काम किया है. स्थानीय विधायक गत दो वर्षों में यहां कार्यालय शुरु नहीं कर पाए.
* मोथा में हुई लड्डू तुला
मोथा में विधायक बच्चू कडू की लड्डू तुला की गई. इस समय युवा कार्यकर्ता मन्ना दारसिंबे कडू के साथ थे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, सरकार डेयरी प्रोजेक्ट में गाय और भैंस दे रही है. किंतु मवेशी चराने पर पाबंदी लगा रही है. चारा नहीं दे रही. यह दोहरी नीति नहीं चलेगी. बच्चू कडू ने कहा कि, उनके लिए सत्ता महत्व की नहीं है, उनकी लडाई दिव्यांग, गरीब, मजदूर, कास्तकार की है. इसलिए सत्ता में रहते हुए भी वे उपरोक्त वर्गों के लिए आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे. इस समय जगत शनवारे, टाले सहित सैकडों कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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