फसल कर्ज के लिए सीबिल की शर्त लगाने पर बैंकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

शासन का निर्देश, खरीफ के मुहाने पर सीएम ने दी बैंकों को चेतावनी

अमरावती/दि.5– खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फसल कर्ज (क्रॉप लोन) मंजूर करने के लिए सीबिल स्कोर को अनिवार्य शर्त न बनाया जाए. यदि किसी बैंक द्वारा सीबिल स्कोर का हवाला देकर किसान को ऋण देने से इंकार किया जाता है, तो संबंधित बैंक और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि ऋण को व्यावसायिक कर्ज की तरह नहीं देखा जा सकता. किसानों को समय पर बीज, खाद और खेती के अन्य खर्चों के लिए पूंजी उपलब्ध कराना प्राथमिकता है. इसलिए ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल और किसान हितैषी बनाने के निर्देश दिए गए हैं.
* खरीफ सीजन के लिए 80% लक्ष्य पूरा करने के आदेश
सरकार ने सभी बैंकों को जून के अंत तक खरीफ सीजन के लिए निर्धारित 1,650 करोड़ रुपये के ऋण लक्ष्य का कम से कम 80 प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. पिछले वर्ष जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों ने अपना लक्ष्य पूरा किया था, लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंक केवल लगभग 70 प्रतिशत फसल ऋण ही वितरित कर पाए थे.
* किसानों की बढ़ रही थीं शिकायतें
कई किसानों ने आरोप लगाया था कि कम सीबिल स्कोर या पुरानी ऋण किस्तों में देरी का हवाला देकर उन्हें फसल कर्ज देने से मना किया जा रहा है. इससे बुआई के समय किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा था और साहूकारों पर निर्भर होने की नौबत आ रही थी. दर्यापुर के किसान रोशन धर्माले ने कहा कि हर साल खरीफ सीजन में किसानों के सामने नए नियम रखे जाते हैं, जिससे छोटे किसानों को परेशानी होती है. सरकार की चेतावनी किसानों के लिए सकारात्मक कदम है.
* सीबिल स्कोर क्या होता है?
सीबिल किसी व्यक्ति के कर्ज और क्रेडिट कार्ड भुगतान इतिहास के आधार पर क्रेडिट स्कोर तैयार करता है. सामान्यतः 750 या उससे अधिक स्कोर अच्छा माना जाता है. हालांकि कृषि ऋण के मामलों में इसे अनिवार्य शर्त नहीं माना गया है.
* आरबीआई और नाबार्ड के दिशा-निर्देश
रिजर्व बैंक और नाबार्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिकता क्षेत्र कर्ज, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों को दिए जाने वाले फसल कर्ज के लिए सीबिल स्कोर अनिवार्य नहीं है. इसके बावजूद कई स्थानों पर किसानों ने नियमों के उल्लंघन की शिकायतें की हैं. जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक नरेश हेडाऊ ने कहा कि बैंक सामान्य ऋण प्रक्रिया में सीबिल की जांच करते हैं, लेकिन फसल ऋण मंजूरी के लिए इसे बाधा नहीं बनाया जाता.
* किसानों को मिलेगा लाभ
सरकार के इस निर्देश से खरीफ सीजन में किसानों को समय पर ऋण मिलने की उम्मीद बढ़ी है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान को केवल सीबिल स्कोर के आधार पर फसल कर्ज से वंचित किया गया, तो संबंधित बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इससे लाखों किसानों को राहत मिलने की संभावना है.

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