सेंट्रल रेलवे के ‘मिशन जीरो स्क्रैप’ से 74.67 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व

अमरावती/दि.6- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उशपीींरश्र ठरळश्रुरू ने ‘मिशन जीरो स्क्रैप स्टेटस’ अभियान के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रेलवे ने अनुपयोगी और कबाड़ सामग्री को मूल्यवान संपत्ति में बदलते हुए अप्रैल और मई 2026 के दौरान स्क्रैप बिक्री से 74.67 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है.
सेंट्रल रेलवे के सभी पांच मंडलों और कार्यशालाओं में चलाए गए इस विशेष अभियान ने न केवल आय में वृद्धि की, बल्कि रेलवे परिसरों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. यह अभियान 5 जून को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित व्यापक पर्यावरण संरक्षण पहल का हिस्सा था, जिसमें हजारों रेलवे अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार शामिल हुए.
* पुणे मंडल अव्वल, नागपुर दूसरे स्थान पर
स्क्रैप निपटान और राजस्व संग्रह के मामले में पुणे मंडल ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि नागपुर मंडल दूसरे स्थान पर रहा. रेलवे प्रशासन के अनुसार, अभियान का उद्देश्य संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना तथा कचरे से कमाई की अवधारणा को बढ़ावा देना था.
* बड़े पैमाने पर स्क्रैप का निपटान
रेलवे के स्टोर्स विभाग ने विभिन्न स्थानों पर पड़े कबाड़ की पहचान कर उसका व्यवस्थित निपटान किया. अभियान के तहत रेलवे स्थायी मार्ग स्क्रैप 5,926 मीट्रिक टन, लौह स्क्रैप 6,337 मीट्रिक टन, अलौह स्क्रैप 539 मीट्रिक टन, रेलवे स्लीपर 26,882, रोलिंग स्टॉक 3 लोकोमोटिव (इंजन), 8 कोच, 29 वैगन आदि सामग्री का निस्तारण किया गया.
* पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा को बढ़ावा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पुराने और अनुपयोगी सामान को हटाने से न केवल रेलवे परिसरों की स्वच्छता बढ़ी, बल्कि ट्रैक सुरक्षा भी मजबूत हुई है. स्क्रैप के समयबद्ध निपटान से दुर्घटना की आशंकाएं कम होती हैं और उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग संभव हो पाता है. सेंट्रल रेलवे का यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के पुनर्चक्रण और राजस्व वृद्धि का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है.





