सीआईडी एसपी वैशाली माने, तबादलों में महिला अधिकारियों को दरकिनार करने का आरोप
पुलिस अधीक्षक वैशाली माने को भेजा छुट्टी पर

* अमरावती में यशवंत सोलंके नए डीसीपी
मुंबई/दि.5 – कुछ दिन पहले ही पुलिस बल में बड़े पैमाने पर फेरबदल किए गए थे. भारतीय पुलिस सेवा और राज्य पुलिस सेवा के करीब 100 से अधिक अधिकारियों के तबादले किए गए थे. लेकिन उसके दो-तीन दिन के भीतर ही कई अधिकारियों ने अपने तबादलों में मनचाहे बदलाव करवा लिए. कुछ ने अपने लिए नापसंद जगहों के तबादले रद्द करवा लिए, तो कुछ ने उसी शहर में अपनी व्यवस्था कर ली.
हालांकि, इन तबादलों में महिला अधिकारियों को न्याय नहीं मिलने और महिलाओं को दरकिनार किए जाने का आरोप लगाकर सीआईडी की अधीक्षक वैशाली माने ने पुलिस बल में हड़कंप मचा दिया. माने का पुणे से सीधे मीरा-भाईंदर उपायुक्त के तौर पर तबादला किया गया था. महिला अधिकारियों को साइड पोस्टिंग दी जाती है या इतनी दूर भेजा जाता है कि वहां प्रत्यक्ष जाकर काम करना मुश्किल हो जाता है.
वैशाली माने के आरोपों के बाद पुलिस बल में हलचल मच गई. गृह विभाग ने भी इसका संज्ञान लेते हुए माने का मीरा-भाईंदर हुआ तबादला आज रद्द कर दिया. लेकिन यह तबादला रद्द करते समय माने को नई जगह नियुक्ति न देकर नई नियुक्ति की प्रतीक्षा में, यानी अनिवार्य अवकाश (सक्ती की विश्रांती) पर रखा गया है. इसके चलते सरकार से पंगा लेना माने को महंगा पड़ने की संभावना जताई जा रही है.
यशवंत सोलंके का अमरावती में पुलिस उपायुक्त के तौर पर, संदीप जाधव का राज्य पुलिस नियंत्रण कक्ष अधीक्षक के तौर पर, शशिकांत बोराटे का मीरा-भाईंदर पुलिस उपायुक्त के तौर पर, स्मिता पाटील का सागरी सुरक्षा उपायुक्त तो मितेश घट्टे का मुंबई में पुलिस उपायुक्त के तौर पर तबादला किया गया है.
गृह विभाग ने आज पुलिस स्थापना मंडल क्रमांक-1 की सिफारिशों पर उचित विचार करके राज्य पुलिस सेवा के सात अधिकारियों के तबादले किए हैं. इसमें दिनेश बारी का दो सप्ताह पहले मुंबई में उपायुक्त के तौर पर हुआ तबादला रद्द कर उनकी नियुक्ति वैशाली माने की जगह पुणे में एसआईडी अधीक्षक के तौर पर की गई है.





