डीएम वैशाली भाकरे, सुरक्षा अधिकारी जीवन वानखेडे निलंबित
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के आदेश

* अमरावती मुख्य बस स्थानक में स्वच्छता व व्यवस्था का आलम बरकरार
* मंत्री के सामने चल रही थी साफ-सफाई
अमरावती /दि.8 – परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने रविवार 7 जून को अचानक अमरावती मुख्य बस स्थानक को भेंट देकर स्थानीय स्थिति का अवलोकन किया. इस दौरान उनके सामने ही कुछ सफाई कर्मचारी डिपो परिसर में झाडू लगाते नजर आए. इससे नाराज परिवहन मंत्री ने जब परिसर का विस्तृत अवलोकन किया, तो पता चला कि, स्थानीय प्रशासन ने मंत्री महोदय के आगमन पर परिसर में कुछ सुविधाएं उपलब्ध करवाई थी. जिससे नाराज परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आखिरकार डिपो मैनेजर वैशाली भाकरे व विशेष सुरक्षा दक्षता अधिकारी जीवन वानखडे को तत्काल निलंबित करने के आदेश जारी किए. इसके साथ ही विभागीय नियंत्रक सचिन डफले पर भी कार्रवाई के गाज गिरने की संभावना हैै.
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक हमेशा ही अपने अनुशासित शैली के लिए पहचाने जाते है. उनका जब मन करता है तब वह परिवहन विभाग के विभिन्न बस स्थानकों को भेंट देकर स्थानीय व्यवस्था की जानकारी लेने की कोशिश करते हैं.
रविवार 7 जून को उनका पूर्व नियोजित दौरा था. इस बीच स्थानीय प्रशासन को जानकारी मिली थी कि, वे किसी भी डिपो को भेंट दे सकते हैं. दिनभर इंतजार करने के बाद भी परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का डिपो परिसर में आगमन नहीं हुआ, तो अधिकारी व कर्मचारी निश्चिंत हो गए और अपने-अपने घर पर लौट गए थे. इसी बीच मंत्री महोदय ने अपनी अनोखी शैली में अमरावती बस स्टैंड को रविवार की देर रात 9.45 बजे अचानक भेंट दी. अचानक मंत्री को देखकर अधिकारी और कर्मचारियों की नींड उड गई थी. मंत्री ने डिपो परिसर में प्रवेश करते ही सर्वप्रथम वहां लगी पानी की प्याऊ को भेंट देकर संस्था किस प्रकार लोगों की सेवा कर रही है, इसकी जानकारी हासिल की. इस दौरान मंत्री प्रताप सरनाईक ने प्याऊ का ठंडा-ठंडा पानी पिया. इसके पश्चात वे डिपो की तरफ बढे. इस वक्त प्लेटफार्म क्रमांक 10 जहां नागपुर की बसें रुकती हैं वहां एक सफाई कर्मचारी हाथों में झाडू लेकर साफ-सफाई कर रहा था. यह देखकर परिवहन मंत्री भडक गए और उन्होंने झाडू लगा रहे कर्मचारियों को काम करने से रोका और एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर चलते हुए उन्होंने वहां की सफाई और अन्य व्यवस्था को नजदीक से निहारा तो उन्हें सर्वत्र और स्वच्छता दिखाई दी. लेकिन डिपो में बने चौकशी कक्ष में टूटी बेंच और सफाई का अभाव दिखाई देने पर मंत्री का माथा और ठनक गया. इसके बाद हमेशा की तरह परिवहन मंत्री ने यहां के शौचालय का निरीक्षण किया. लेकिन वहां भी उन्हें स्वच्छता दिखाई दी. लेकिन जैसे ही वह सीढियां चढकर उपर पहुंचे तो वहां उपस्थित चालक-वाहकों ने उनसे शिकायत करना शुरु कर दिया. जलगांव जामोद की बस पर वाहक-चालक की जिम्मेदारी पूरी करने वाले सदस्यों ने मंत्री महोदय से शिकायत करते हुए कहा कि, आप आ रहे हैं इसलिए आज यहां गद्दे की व्यवस्था करवाई है. साथ ही नया कूलर भी लगवा कर दिया है. जबकि हम लोग हमेशा गर्मी और गंदगी में गुजर-बसर करते हैं, लेकिन अधिकारी सफाई की व्यवस्था नहीं करवाते. आलम यह है कि, वाहन चालकों के लिए जो स्वच्छता गृह बनाया गया है, इसका इस्तेमाल आस-पास के ऑटो चालक करते हैं. जिसके कारण हमेशा ही वहां गंदगी फैली हुई रहती है, जिसके चलते वाहन चालकों को पैसे खर्च कर नीचे बने सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करना पडता हैं. इन बातों को सुनकर परिवहन मंत्री गुस्साए. उन्होंने एक के बाद एक वहां उपस्थित अधिकारियों से जवाब मांगने शुरु कर दिए.
साथ ही उन्होंने अधिकारियों को खरी-खोटी भी सुनाई. इस समय उपस्थित परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अपने स्वीय सहायकों से डिपो मैनेजर वैशाली भाकरे व विशेष सुरक्षा दक्षता अधिकारी जीवन वानखडे को तत्काल निलंबित करने के आदेश जारी करने के लिए कहा.
* विभागीय नियंत्रक डफले भी रडार पर
अमरावती मुख्य बस स्थानक पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का निरीक्षण दौरा पूर्व निर्धारित था. बावजूद इसके विभागीय नियंत्रक सचिन डफले वहां मौजूद नहीं थे. ऐसे में उनकीी अनुपस्थिती से उनकी गैरजिम्मेदारी साबित हो रही है. इसके चलते आगामी समय में विभागीय नियंत्रक डफले पर भी कार्रवाई की जांच गिरने की संभावना व्यक्त की जा रही है. उल्लेखनीय है कि, विभागीय नियंत्रक विगत कई दिनों से अवकाश पर है, लेकिन जब किसी विभाग के मंत्री का दौरा पूर्व निर्धारित होता है ऐसे में अधिकारियों की अवकाश आनन-फानन में रद्द किए जाते हैं अथवा उनके स्थान पर प्रभारी के रुप में काम को संभालने वाले व्यक्ति को मंत्री के हर सवाल का जवाब देना पडता है. लेकिन रविवार 7 जून को हुए औचक निरीक्षण में वरिष्ठ स्तर के एक भी अधिकारी के उपस्थित नहीं रहने से अब विभागीय नियंत्रक पर भी कार्रवाई की गाज गिरने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है.





