गणेश भक्तों के लिए खुशखबरी

‘लालबाग के राजा’ का पादपूजन संपन्न, प्रतिमा निर्माण कार्य शुरू

* मुंबई में गणेशोत्सव की तैयारियों का हुआ शुभारंभ
* सितंबर में होगा भव्य आगमन
मुंबई /दि.9- महाराष्ट्र में भले ही मानसून का इंतजार अभी जारी हो, लेकिन करोड़ों गणेश भक्तों के लिए सुखद समाचार सामने आया है. मुंबई के प्रसिद्ध और देश-विदेश में श्रद्धा के केंद्र माने जाने वाले लालबाग के राजा की प्रतिमा निर्माण प्रक्रिया का शुभारंभ हो गया है. मंगलवार तड़के पारंपरिक विधि-विधान के साथ पादपूजन (पाऊलपूजन) संपन्न हुआ, जिसके साथ ही भगवान गणेश की प्रतिमा निर्माण का कार्य औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया.
लालबागचा राजा मार्ग स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला. लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के अध्यक्ष बालासाहेब कांबळे के हाथों गणपति के चरणों का पूजन और प्रारंभिक धार्मिक विधियां संपन्न कराई गईं. इस अवसर पर मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे. गणपति बाप्पा मोरया के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा.
* कांबली बंधु करेंगे प्रतिमा निर्माण
पादपूजन को लालबाग के राजा की प्रतिमा निर्माण प्रक्रिया का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है. इस अनुष्ठान के बाद प्रसिद्ध मूर्तिकार कांबली बंधुओं की देखरेख में प्रतिमा निर्माण कार्य शुरू हो गया है. हर वर्ष की तरह इस बार भी बाप्पा की भव्य, आकर्षक और राजसी प्रतिमा तैयार की जाएगी, जो देशभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होती है. कांबली आर्ट्स की कार्यशाला में कलाकार अब दिन-रात मेहनत कर प्रतिमा को अंतिम रूप देंगे. लालबाग के राजा की पारंपरिक भव्यता और दरबारी स्वरूप को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
* 14 फुट ऊंची प्रतिमा होगी स्थापित
मंडल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस वर्ष भी लगभग 14 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी. अगस्त के पहले या दूसरे सप्ताह से मंडप निर्माण का कार्य शुरू होने की संभावना है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे. मंडप परिसर में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे, मेटल डिटेक्टर और निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी. इसके अलावा मुंबई पुलिस और स्वयंसेवकों की विशेष टीम व्यवस्था संभालेगी.
* दर्शन के लिए दो अलग कतारें
हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं के लिए दो प्रकार की दर्शन व्यवस्था की जाएगी. बाप्पा के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करने वाले भक्तों के लिए ‘चरण स्पर्श दर्शन’ की विशेष कतार होगी, जबकि दूर से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए ‘मुख दर्शन’ की अलग व्यवस्था की जाएगी. देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए मंडल की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया माध्यमों पर 24 घंटे लाइव दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी.
* सितंबर में होगा गणेशोत्सव का शुभारंभ
हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 का गणेशोत्सव 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन शुरू होगा. इसी दिन लालबाग के राजा का भव्य आगमन होगा. इसके बाद 17 सितंबर को गौरी आवाहन, 18 सितंबर को गौरी पूजन और 19 सितंबर को गौरी विसर्जन किया जाएगा. दस दिवसीय उत्सव का समापन 24 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति विसर्जन के साथ होगा.
* मुंबई में शुरू हुआ उत्सव का माहौल
लालबाग के राजा के पादपूजन के साथ ही मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है. सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों, मूर्तिकारों की कार्यशालाओं और बाजारों में अब धीरे-धीरे चहल-पहल बढ़ने लगी है. गणेश भक्तों के बीच उत्साह का वातावरण है और सभी को अब बाप्पा के आगमन का इंतजार है.
गणेशोत्सव को महाराष्ट्र का सबसे बड़ा लोकउत्सव माना जाता है और लालबाग के राजा का पादपूजन इस महाउत्सव की पहली आधिकारिक आहट माना जाता है. इससे श्रद्धालुओं में आनंद और उत्साह की नई लहर दौड़ गई है.

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