अमरावती विधान परिषद के चुनाव में बडा ‘ट्विस्ट’

कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख अस्पताल में भर्ती

* नागपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा इलाज
* सियासी अटकलें तेज, तेजी से बदल रहे घटनाक्रम पर सबकी निगाहें
अमरावती/नागपुर/दि.10 – अमरावती स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में अचानक नया मोड़ आ गया है. कांग्रेस तथा महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख को नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि लगातार चुनाव प्रचार, बैठकों और दौरे की व्यस्तता के कारण उन्हें अत्यधिक थकान महसूस हुई, जिसके बाद चिकित्सकीय सलाह पर अस्पताल में भर्ती किया गया. विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया.
बता दें कि इस समय अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद चुनाव को लेकर जबर्दस्त धामधूम चल रही हैं, जिसके तहत भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे पाटिल तथा वंचित बहुजन आघाडी के प्रत्याशी डॉ. नीलेश विश्वकर्मा द्बारा मतदाताओं के साथ सतत संपर्क किया जा रहा है. लेकिन इसी बीच पिछले दो दिनों से कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख चुनावी गतिविधियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं दिए, जिससे विभिन्न तरह की चर्चाओं को बल मिला. वहीं आज यह खबर सामने आयी कि हर्षजीत देशमुख इस समय नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती है. जिसके साथ ही इस तरह की अटकलें चलनी शुरू हुई थी. संभवत: हर्षजीत देशमुख विधान परिषद के चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींच लिए है. हालांकि स्वयं देशमुख ने किसी भी तरह की राजनीतिक अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है और वे अब भी चुनावी मैदान में मजबूती से डटे हुए हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन पर भाजपा अथवा किसी अन्य दल की ओर से किसी प्रकार का दबाव नहीं है.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि अमरावती की यह सीट पहले से ही राजनीतिक रूप से बेहद चर्चित बनी हुई है. भाजपा उम्मीदवार प्रवीण पोटे, कांग्रेस के हर्षजीत देशमुख तथा वंचित बहुजन आघाड़ी समर्थित उम्मीदवार के बीच मुकाबला रोचक माना जा रहा था. वहीं भाजपा से बागी रहे विप्लव बाजोरिया का नामांकन निरस्त होने और उन्हें न्यायालय से भी राहत नहीं मिलने के बाद चुनावी समीकरण तेजी से बदले हैं. सूत्रों के अनुसार देशमुख की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अनिश्चितता के बीच कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी के भीतर वैकल्पिक राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा शुरू हो गई है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और ऐसे समय में उम्मीदवार की सक्रियता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. देशमुख के अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने चुनाव को नया आयाम दे दिया है. अब सभी की निगाहें उनकी स्वास्थ्य स्थिति, चुनाव प्रचार में वापसी और विपक्षी दलों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं. अमरावती विधान परिषद चुनाव में तेजी से बदल रहे घटनाक्रमों के बीच अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया घटनाक्रम चुनावी परिणामों को किस हद तक प्रभावित करता है.

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