आंगनवाड़ी बच्चों को 300 दिन पोषण सुनिश्चित करने के लिए ‘टेक होम राशन’ योजना लागू
बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश, अमल शुरु

अमरावती/दि.12- बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता देते हुए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशानुसार जिले में गर्मी की छुट्टियों के दौरान ‘टेक होम राशन’ योजना प्रभावी रूप से लागू की जा रही है. इसके तहत आंगनवाड़ी लाभार्थी बच्चों को घर-घर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उन्हें भीषण गर्मी में आंगनवाड़ी केंद्रों तक आने की आवश्यकता न पड़े.
जिले में कुल 2,592 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग एक लाख बच्चों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाता है. शासन के नियमानुसार बच्चों को वर्ष में 300 दिनों तक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है. इसी उद्देश्य से गर्मी की छुट्टियों में ‘टेक होम राशन’ व्यवस्था लागू की गई है. महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, जिन अभिभावकों के लिए आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुंचना संभव है, उन्हें केंद्र से राशन वितरित किया जा रहा है. वहीं जो लाभार्थी केंद्र तक नहीं पहुंच सकते, उनके घर तक पोषण आहार पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. भीषण गर्मी को देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक रखा गया है. इस दौरान बच्चों को हल्की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ पौष्टिक आहार भी दिया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश लाभार्थी बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, इसलिए उनके नियमित पोषण में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है.
महिला एवं बाल कल्याण विभाग के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी विलास मार्साले ने बताया कि बच्चों को वर्षभर पोषण उपलब्ध कराने के लिए गर्मी की छुट्टियों में भी टेक होम राशन योजना जारी रखी गई है. आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को वहीं भोजन दिया जा रहा है, जबकि अन्य बच्चों तक घर-घर पोषण आहार पहुंचाया जा रहा है. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्षभर की विभिन्न छुट्टियों के बावजूद 300 दिन पोषण उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा करने के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की ड्यूटी रोटेशन प्रणाली से तय की गई है. इससे बच्चों का पोषण कार्यक्रम निर्बाध रूप से जारी रह सकेगा और कर्मचारियों को भी अवकाश का लाभ मिलेगा.





