मानसून पूर्व बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन तैयार
मालखेड जलाशय पर एनडीआरएफ व जिला प्रशासन की संयुक्त मॉक ड्रिल संपन्न

अमरावती/दि.12 – आगामी मानसून को देखते हुए संभावित बाढ़ एवं आपदा परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अमरावती जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है. जिला कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष आशिष येरेकर के निर्देश पर गुरुवार को चांदूर रेलवे तहसील के मालखेड जलाशय परिसर में जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल (रंगीन तालीम) का आयोजन किया गया. यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) नागपुर तथा जिला खोज एवं बचाव दल, अमरावती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया. कार्यक्रम का मार्गदर्शन निवासी उपजिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी संतोष काकड़े ने किया.
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ के पानी में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा घरों के ढहने या अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में खोज एवं बचाव कार्य किस प्रकार किया जाता है, इसका प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया. एनडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों और जिला खोज एवं बचाव दल ने विभिन्न आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का उपयोग कर बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग, पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग किस प्रकार समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य संचालित कर सकते हैं, इसकी भी विस्तृत जानकारी दी गई. अधिकारियों और कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में उनकी जिम्मेदारियों एवं कर्तव्यों के संबंध में प्रशिक्षित किया गया.
इस अभ्यास में चांदूर रेलवे तहसील के राजस्व विभाग, पंचायत समिति, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य शासकीय विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई. कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सुरेंद्र रामेकर, नायब तहसीलदार अनिल चौरे, पुलिस निरीक्षक मिश्रा, पुलिस निरीक्षक यादव, एनडीआरएफ नागपुर के डॉ. झा, मंत्रालय मुंबई के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ अनुराग कचोरी, राजस्व अधिकारी प्रमोद शिरसाठ, तलाठी दीपक चव्हाण, डॉ. अविनाश पवार, प्रीती पवार, सौरव पाठक, मनोज माकोड़े सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे.
मॉक ड्रिल के दौरान सचिन धरमकर, विशाल लिमकर, आकाश निमकर, कौस्तुभ वैद्य, सुमित बांबल, प्रतीक कडू, नारायण दवंगे, अशोक निंबरते तथा ’आपला मित्र’ संस्था के तुषार गोंडाणे और अमोल गोंडाणे ने प्रत्यक्ष जलाशय में उतरकर साहसिक बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा. कार्यक्रम का संचालन एवं प्रास्ताविक जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सुरेंद्र रामेकर ने किया. जिला प्रशासन ने नागरिकों से मानसून के दौरान सतर्क रहने तथा आपदा की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.