कांग्रेस में विलीन होंगे शरद पवार और उद्धव ठाकरे के दल!

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा भूचाल!

* विधायक रवि राणा के दावों से गरमाई सियासत
* बोले- भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रहा विपक्ष
* उबाठा व शरद पवार गुट के कांग्रेस में शामिल होने की बन रही जमीन
अमरावती/मुंबई/ दि. 12 – महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों संभावित राजनीतिक पुनर्गठन और दलों के विलय को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. इसी बीच युवा स्वाभिमान पार्टी के मुखिया व विधायक रवि राणा के एक बयान ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है. विधायक रवि राणा ने दावा किया है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) भविष्य में कांग्रेस में विलय हो सकती हैं. उनके इस बयान ने महाविकास आघाड़ी के भीतर नए राजनीतिक समीकरणों और विपक्षी एकता को लेकर अटकलों को हवा दे दी है. हालांकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने ऐसे किसी भी प्रस्ताव से साफ इनकार किया है, लेकिन विधायक रवि राणा के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं.
* शरद पवार ने दिया है विलय का प्रस्ताव
विधान परिषद चुनाव के दौरान मीडिया से बातचीत में विधायक रवि राणा ने दावा किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव दिया गया है. उन्होंने कहा कि कई वर्षों से इस विषय पर चर्चा चल रही है, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं. विधायक रवि राणा के अनुसार, जिस कांग्रेस पार्टी से अलग होकर शरद पवार ने अपनी राजनीतिक पहचान बनाई थी, अब वे उसी पार्टी में लौटने की इच्छा रखते हैं. उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंच चुका है और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी इस पर विचार कर रही हैं. विधायक रवि राणा ने दावा किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी वर्तमान में राजनीतिक रूप से दबाव की स्थिति में है और आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व कांग्रेस के साथ विलय को लेकर बड़ा फैसला ले सकता है.
* तृणमूल कांग्रेस का भी किया उल्लेख
विधायक रवि राणा ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी राजनीतिक परिस्थितियां बदल रही हैं. उनके अनुसार, पार्टी के कई सांसद और विधायक अलग हो चुके हैं, जिसके कारण भविष्य में तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के मुकाबले एक मजबूत विपक्षी विकल्प खड़ा करने के लिए विपक्षी दलों के बीच एकजुटता की प्रक्रिया चल रही है.
* उद्धव ठाकरे की शिवसेना पर सबसे बड़ा दावा
विधायक रवि राणा ने सबसे बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) भी भविष्य में कांग्रेस में विलय हो सकती है. उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) की वर्तमान राजनीतिक दिशा और कांग्रेस के साथ उसके संबंध इस संभावना को मजबूत करते हैं. विधायक रवि राणा ने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राऊत लगातार नई दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में हैं और कई बार 10 जनपथ जाकर वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने भी समय-समय पर कांग्रेस नेतृत्व के साथ बैठकों में भाग लिया है. विधायक रवि राणा के अनुसार, भाजपा विरोध की राजनीति ने शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को एक साझा मंच पर ला दिया है. ऐसे में भविष्य में राजनीतिक दलों के बीच औपचारिक विलय की संभावना भी बन सकती है.
* सेक्युलर राजनीति की ओर बढ़ चुकी है शिवसेना
विधायक रवि राणा ने कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना अब पूरी तरह नई राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने अपनी पुरानी राजनीतिक पहचान से अलग होकर धर्मनिरपेक्ष राजनीति को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच वैचारिक दूरी अब काफी कम हो चुकी है. ऐसे में यदि भविष्य में दोनों दल एक राजनीतिक मंच पर आ जाते हैं तो यह कोई आश्चर्यजनक घटना नहीं होगी. विधायक रवि राणा ने कहा, उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस की विचारधारा को स्वीकार कर लिया है. भाजपा का विरोध करने के लिए विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं और आने वाले समय में देश में एक बड़ा संयुक्त विपक्षी दल दिखाई दे सकता है.
* अमरावती चुनाव को लेकर कांग्रेस पर भी हमला
अमरावती स्थानीय स्वराज्य संस्था विधान परिषद चुनाव का उल्लेख करते हुए विधायक रवि राणा ने कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उम्मीदवार के हालिया बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी चुनाव लड़ने की मानसिक तैयारी नहीं है. विधायक रवि राणा ने तंज कसते हुए कहा कि यदि कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी को चुनाव जीतने के लिए दूसरे दलों या नेताओं का सहारा लेना पड़े तो यह उसकी कमजोर स्थिति को दर्शाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वर्तमान समय में राजनीतिक रूप से असहाय और कमजोर दिखाई दे रही है.
* राष्ट्रवादी कांग्रेस ने किया स्पष्ट खंडन
दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने कांग्रेस में विलय की अटकलों को पूरी तरह निराधार बताया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा कि एनसीपी के कांग्रेस में विलय की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान और विचारधारा के साथ काम कर रही है तथा पार्टी के विलय का कोई प्रश्न ही नहीं उठता. शिंदे ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें पहले अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए.
* आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधान परिषद चुनावों के दौरान दिए गए ऐसे बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं. फिलहाल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और तृणमूल कांग्रेस में से किसी भी दल ने संभावित विलय की चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. इसके बावजूद विधायक रवि राणा के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है. महाविकास आघाड़ी के भविष्य, विपक्षी एकता, आगामी चुनावी रणनीति और राष्ट्रीय राजनीति में संभावित बदलावों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. आने वाले दिनों में संबंधित दलों की प्रतिक्रिया और राजनीतिक घटनाक्रम इस बहस को और अधिक स्पष्ट कर सकते हैं.

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