कोणार्क इंफ्रा को मिलेगी बकाया राशि का 50 प्रतिशत भुगतान

जुर्माने की कटौती पर संशय

अमरावती /दि.13– शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार विवादों में रही कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को बकाया भुगतान न करने का निर्णय नगर निगम की आमसभा में लिया गया था. हालांकि अब प्रशासन ने कंपनी के कार्य में सुधार का हवाला देते हुए पिछले कुछ महीनों से लंबित भुगतान जारी करने का रास्ता साफ कर दिया है. जानकारी के अनुसार कंपनी को बकाया राशि का 50 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा.
मनपा क्षेत्र में दैनिक सफाई और कचरा संकलन का ठेका कोणार्क इंफ्रा कंपनी के पास है, जिसके लिए प्रतिमाह लगभग 40 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है. सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें बढ़ने के बाद कंपनी का भुगतान रोकने का निर्णय लिया गया था, लेकिन प्रशासन का कहना है कि सफाई की स्थिति अब संतोषजनक है और आमसभा का प्रस्ताव अभी तक प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया में है.

* 1.62 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी
सूत्रों के अनुसार दिसंबर से फरवरी तक की अवधि का लगभग 3.24 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित था. प्रशासन ने इसमें से 1.62 करोड़ रुपये, यानी कुल बकाया का 50 प्रतिशत भुगतान करने को मंजूरी दे दी है. इससे कंपनी को वित्तीय राहत मिलने की संभावना है.

* वार्ड 21 और 22 में काम प्रभावित
इस बीच कोणार्क कंपनी द्वारा कर्मचारियों का वेतन सीधे बैंक खातों में हर महीने जमा करने की नई व्यवस्था लागू की गई. कुछ कर्मचारियों ने इस व्यवस्था का विरोध किया, जिसके चलते बडनेरा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 21 और 22 में सफाई कार्य प्रभावित हुआ और कई कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया.

* जुर्माने की राशि कटेगी या नहीं?
सफाई कार्य में लापरवाही के आरोपों के चलते कंपनी पर दंडात्मक कार्रवाई भी की गई थी. निर्देश दिए गए थे कि जुर्माने की राशि भुगतान से काटी जाए. लेकिन अब जब कंपनी को आधा भुगतान देने का निर्णय लिया गया है, तब यह स्पष्ट नहीं है कि इस राशि में से जुर्माने की कटौती की जाएगी या नहीं. इस संबंध में स्वच्छता अधिकारी डॉ. अजय जाधव ने बताया कि आमसभा में पारित प्रस्ताव को अभी अंतिम प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त नहीं हुई है. इसलिए भुगतान प्रक्रिया नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है.

* विरोध करने वालों के रुख पर उठे सवाल
मनपा की आमसभा में सफाई व्यवस्था को लेकर तीखी बहस हुई थी और कई जनप्रतिनिधियों ने भुगतान रोकने की मांग की थी. अब कंपनी को आंशिक भुगतान मंजूर होने के बाद उन विरोधी पक्षों के रुख पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिन्होंने शहर में सफाई व्यवस्था को असंतोषजनक बताते हुए भुगतान रोकने की मांग की थी. फिलहाल कंपनी को राहत मिलती दिखाई दे रही है, लेकिन जुर्माने की कटौती और सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं

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