‘नीट’ की साख बचाने की बड़ी कवायद

विशेष विमान से अमरावती पहुंचे 6 हजार प्रश्नपत्र

* बेलोरा विमानतल पर उतरा गोपनीय खेप लेकर आया विमान
* अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में जिला कोषागार पहुंचाए गए पेपर
* पूरे देशभर में वायुसेना के विमानों से पहुंचाए जा रहे पेपर
* कडी सुरक्षा के बीच ट्रेजरी के लॉकर में गये हैं सभी गठ्ठे
* 21 जून को परीक्षा वाले दिन गठ्ठे निकाले जायेंगे बाहर
* 3 मई को पेपर लीक की वजह से रद्द की गई थी परीक्षा
* अब नये सिरे से किया जा रहा परीक्षा का आयोजन
* अमरावती जिले के 6 हजार व देशभर के 22 लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे परीक्षा में शामिल
अमरावती /दि 15 – देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी की साख पर लगे दाग को मिटाने और लाखों विद्यार्थियों का विश्वास पुनः स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. इसी कड़ी में आज सुबह को नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के लगभग 6 हजार प्रश्नपत्र लेकर एक विशेष विमान अमरावती के बेलोरा विमानतल पर उतरा. विमान से उतारे गए प्रश्नपत्रों को कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे जिला कोषागार पहुंचाया गया, जहां उन्हें ट्रेजरी के उच्च सुरक्षा वाले लॉकर में रखा गया है. अब 21 जून को परीक्षा के दिन ही इन सीलबंद गठ्ठों को बाहर निकाला जाएगा और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा.
* पेपर लीक के बाद पहली बार इतने कड़े इंतजाम
बता दें कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा कथित प्रश्नपत्र लीक प्रकरण के बाद रद्द कर दी गई थी. इस घटना ने देशभर के 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को झकझोर दिया था. मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का सपना देखने वाले लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए थे. इसी कारण इस बार परीक्षा की गोपनीयता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र लागू किया है.
* वायुसेना की निगरानी में प्रश्नपत्रों का परिवहन
विशेष उल्लेखनीय है कि पिछली बार नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की वजह से परीक्षा रद्द करनी पडी थी और दुबारा परीक्षा करवाने का निर्णय लिया गया था. जिसके बाद केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के विभिन्न हिस्सों में नीट के प्रश्नपत्रों को पहुंचाने हेतु वायुसेना के विमानों का बेडा उपलब्ध कराने की बात कहीं थी. जिसके चलते पहली बार प्रश्नपत्रों के परिवहन में भारतीय वायुसेना की मदद ली जा रही है. देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित संवेदनशील वितरण केंद्रों तक प्रश्नपत्र हवाई मार्ग से पहुंचाए जा रहे हैं. इसके बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी में उन्हें जिला स्तर तक पहुंचाया जा रहा है. इसी श्रृखता के तहत आज सुबह वायुसेना के विमान से विदर्भ क्षेत्र हेतु प्रश्नपत्रों की खेप पहुंची. यहां से वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए विदर्भ क्षेत्र के अलग-अलग जिला मुख्यालयों हेतु प्रश्नपत्रों की खेप रवाना किया गया. जिसके तहत आज सुबह वायुसेना का एक विशेष चॉपर नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों की खेप को लेकर बेलोरा स्थित अमरावती विमान तल पर उतरा. जहां पर पहले से जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्बारा कडे सुरक्षा इंतजाम को तैनात किया गया था और प्रश्नपत्रों की खेप विमानतल से कडे सुरक्षा घेरे में सीधे जिला कोषागार तक लाई गई. इस दौरान पूरे मार्ग पर पुलिस का विशेष बंदोबस्त तैनात रहा. किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए वाहनों की आवाजाही पर भी नजर रखी गई.
* ट्रेजरी के लॉकर में बंद, 21 जून तक रहेगा पहरा
जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार प्रश्नपत्रों के सभी बंडलों को जिलाधीश आशीष येरेकर की देखरेख के तहत ट्रेजरी के सुरक्षित लॉकर में रखा गया है. वहां चौबीसों घंटे सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी. 21 जून को परीक्षा के दिन निर्धारित समय पर ही सीलबंद पैकेट बाहर निकाले जाएंगे. इसके बाद उन्हें संबंधित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा. विशेष उल्लेखनीय है कि इस बार केवल प्रश्नपत्रों की ढुलाई ही नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर भी असाधारण निगरानी रखी गई है. प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, अनुवादकों और मॉडरेटरों को परीक्षा संपन्न होने तक सुरक्षित एवं गोपनीय स्थानों पर रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी बाहर न जा सके.
* अमरावती के 6 हजार, देशभर के 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी
अमरावती जिले से लगभग 6 हजार विद्यार्थी पुनर्परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि देशभर में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठेंगे. परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह के साथ-साथ तनाव भी दिखाई दे रहा है, क्योंकि यही परीक्षा उनके मेडिकल करियर की दिशा तय करेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि 21 जून को होने वाली यह परीक्षा केवल विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं होगी, बल्कि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की भी परीक्षा होगी. पेपर लीक प्रकरण के बाद जिस तरह परीक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आई थी, उसके बाद अब सरकार और एनटीए के सामने निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा कराकर जनता का भरोसा पुनः जीतने की चुनौती है.
* क्यों अहम है यह पुनर्परीक्षा?
बता दें कि नीट केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं, बल्कि देश के मेडिकल शिक्षा तंत्र का प्रवेश द्वार है. एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश इसी परीक्षा के आधार पर होता है. ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं. यही वजह है कि इस बार सुरक्षा, गोपनीयता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जा रही है. पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा रद्द की गई थी और अब प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए वायुसेना की सहायता तथा बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. देशभर में 22 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे.
* 3 की बजाय सवा 3 घंटे रहेगा परीक्षा का समय
खास बात यह है कि आगामी 21 जून को होने जा रही नीट की परीखा के लिए दोपहर 2 से शाम 5.15 बजे तक समय तय किया गया. अमूमन नीट की परीक्षा के लिए 3 घंटे की कालावधि ही निर्धारित रहती है. परंतु दोबारा होने जा रही परीक्षा के लिए विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एनटीए द्बारा 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया गया है. ऐसे में अब आगे चलकर मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक सभी विद्याथी नीट परीक्षा की तैयारी में जुट गये ह््ैं.
* पेपर लीक का केन्द्र महाराष्ट्र ही था, लातुर से लेकर विदर्भ तक पहले से कनेक्शन
यहां उस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया जा सकता है कि नीट पेपर लीक का इस बार मुख्य केन्द्र महाराष्ट्र ही था तथा महाराष्ट्र में लातुर और नाशिक से लेकर अमरावती व नागपुर तक पेपर लीक रैकेट के सक्रिय रहने की जानकारी सामने आयी है. साथ ही मामले की जांच सीबीआय को सौंपे जाने के बाद इस मामले में अकेले महाराष्ट्र से ही दर्जनाेंं गिरफ्तारियां हुई थी.

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