स्मार्ट मीटर थोपने का प्रयास बर्दाश्त नहीं

कांग्रेस ने सरकार और महावितरण पर साधा निशाना

अमरावती/दि.15 – अमरावती शहर कांग्रेस कमेटी ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है. कांग्रेस का आरोप है कि महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (महावितरण) द्वारा नागरिकों को एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश भेजकर स्मार्ट मीटर लगाने की जानकारी दी जा रही है, जबकि पहले राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं करने का आश्वासन दिया था.
अमरावती शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बबलू शेखावत ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे. इसके बावजूद अब नागरिकों को स्मार्ट मीटर संबंधी संदेश भेजे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम और नाराजगी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि अमरावती शहर में बिजली आपूर्ति की स्थिति पहले से ही चिंताजनक है. कई इलाकों में हल्की बारिश या हवा चलने पर घंटों बिजली गुल रहती है. बार-बार होने वाली बिजली कटौती, खराब रखरखाव व्यवस्था और शिकायतों के समाधान में देरी के कारण उपभोक्ताओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
कांग्रेस का कहना है कि जब तक महावितरण शहर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं करता, तब तक स्मार्ट मीटर लगाने का कोई औचित्य नहीं है. नागरिकों में यह आशंका भी है कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से भविष्य में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू की जा सकती है या बिजली बिलों का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है. बबलू शेखावत ने मांग की कि सबसे पहले बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाए, नियमित बिजली कटौती रोकी जाए और शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए. इसके बाद ही स्मार्ट मीटर जैसे किसी निर्णय पर विचार किया जाना चाहिए. कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि अमरावती के नागरिकों पर स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास जारी रहा, तो पार्टी सड़क पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी और जनता के हितों की लड़ाई लड़ेगी.

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